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Delhi NCR News: 2.30 लाख घरों में मुफ्त लगेगा तीन किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम
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-मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में कैबिनेट ने दिल्ली सौर ऊर्जा नीति 2023 के दूसरे संशोधन को दी मंजूरी
400 यूनिट तक मासिक खपत वाले घर होंगे पात्र, मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी के 2.30 लाख घरों की छतों पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम पूरी तरह मुफ्त लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली सौर ऊर्जा नीति-2023 के दूसरे संशोधन को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में प्रेसवार्ता के दौरान इसकी जानकारी दी। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री आशीष सूद भी मौजूद रहे।
सरकार के मुताबिक, दिल्ली सौर ऊर्जा नीति-2 के तहत वे घर इस योजना के पात्र होंगे, जिनकी औसत मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक है। सरकार ने मार्च 2027 तक सभी पात्र घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा है। तकनीकी रूप से उपयुक्त छत और पर्याप्त जगह होना अनिवार्य होगा।
केंद्र की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मिलने वाली 78 हजार रुपये की सब्सिडी के अलावा दिल्ली सरकार भी 78 हजार रुपये की पूंजीगत सब्सिडी देगी। इसके बाद भी यदि सिस्टम की लागत में अंतर रहता है तो उसे दिल्ली सरकार वहन करेगी। इस तरह उपभोक्ता को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए कोई अग्रिम राशि नहीं देनी होगी। इंस्टॉलेशन का काम भी सरकार खुद कराएगी।
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5 साल तक सरकार करेगी रखरखाव
सरकार का कहना है कि योजना का मकसद केवल बिजली का बिल कम करना नहीं, बल्कि घरों को बिजली उत्पादक बनाना भी है। मौजूदा 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। इसके अलावा सोलर सिस्टम के रखरखाव की जिम्मेदारी सरकार की ओर से नामित वेंडरों की होगी और पांच साल तक इसका मुफ्त मेंटेनेंस किया जाएगा।
सिस्टम लगवाने वालों को मिलेंगे ये फायदे
तीन किलोवाट का सिस्टम सामान्य परिस्थितियों में करीब 200 से 300 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है। इससे पात्र परिवारों का बिजली बिल काफी कम हो सकता है और कुछ मामलों में लगभग शून्य तक पहुंच सकता है। सिस्टम से जरूरत से अधिक बिजली पैदा होने पर उसे ग्रिड में वापस भेजकर उपभोक्ता को अतिरिक्त आय का लाभ भी मिल सकेगा।
अतिरिक्त बिजली पर मिलेगा आर्थिक लाभ
मान लीजिए किसी घर में सोलर सिस्टम से 300 यूनिट बिजली पैदा हुई और परिवार ने 200 यूनिट बिजली का इस्तेमाल किया। बची 100 यूनिट बिजली ग्रिड में वापस भेजी जा सकती है। इस सरप्लस बिजली के बदले उपभोक्ता को तय व्यवस्था के तहत प्रति यूनिट आर्थिक लाभ मिलेगा।
-सरकार ने जनरेशन बेस्ड इंसेंटिव की व्यवस्था में भी बदलाव किया है। अब इसका लाभ पांच साल बाद मिलने के बजाय पहले ही दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि मुफ्त इंस्टॉलेशन, पांच साल के रखरखाव और सरप्लस बिजली से आय के जरिए यह योजना दिल्ली में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देगी और स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को गति देगी।
प्रमुख आंकड़े
लाभार्थी घर: 2.30 लाख
सिस्टम क्षमता: तीन किलोवाट
लक्ष्य: मार्च 2027
केंद्र सब्सिडी: 78 हजार रुपये
दिल्ली सरकार की सब्सिडी: 78 हजार रुपये
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400 यूनिट तक मासिक खपत वाले घर होंगे पात्र, मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी के 2.30 लाख घरों की छतों पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम पूरी तरह मुफ्त लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली सौर ऊर्जा नीति-2023 के दूसरे संशोधन को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में प्रेसवार्ता के दौरान इसकी जानकारी दी। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री आशीष सूद भी मौजूद रहे।
सरकार के मुताबिक, दिल्ली सौर ऊर्जा नीति-2 के तहत वे घर इस योजना के पात्र होंगे, जिनकी औसत मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक है। सरकार ने मार्च 2027 तक सभी पात्र घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा है। तकनीकी रूप से उपयुक्त छत और पर्याप्त जगह होना अनिवार्य होगा।
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केंद्र की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मिलने वाली 78 हजार रुपये की सब्सिडी के अलावा दिल्ली सरकार भी 78 हजार रुपये की पूंजीगत सब्सिडी देगी। इसके बाद भी यदि सिस्टम की लागत में अंतर रहता है तो उसे दिल्ली सरकार वहन करेगी। इस तरह उपभोक्ता को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए कोई अग्रिम राशि नहीं देनी होगी। इंस्टॉलेशन का काम भी सरकार खुद कराएगी।
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5 साल तक सरकार करेगी रखरखाव
सरकार का कहना है कि योजना का मकसद केवल बिजली का बिल कम करना नहीं, बल्कि घरों को बिजली उत्पादक बनाना भी है। मौजूदा 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। इसके अलावा सोलर सिस्टम के रखरखाव की जिम्मेदारी सरकार की ओर से नामित वेंडरों की होगी और पांच साल तक इसका मुफ्त मेंटेनेंस किया जाएगा।
सिस्टम लगवाने वालों को मिलेंगे ये फायदे
तीन किलोवाट का सिस्टम सामान्य परिस्थितियों में करीब 200 से 300 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है। इससे पात्र परिवारों का बिजली बिल काफी कम हो सकता है और कुछ मामलों में लगभग शून्य तक पहुंच सकता है। सिस्टम से जरूरत से अधिक बिजली पैदा होने पर उसे ग्रिड में वापस भेजकर उपभोक्ता को अतिरिक्त आय का लाभ भी मिल सकेगा।
अतिरिक्त बिजली पर मिलेगा आर्थिक लाभ
मान लीजिए किसी घर में सोलर सिस्टम से 300 यूनिट बिजली पैदा हुई और परिवार ने 200 यूनिट बिजली का इस्तेमाल किया। बची 100 यूनिट बिजली ग्रिड में वापस भेजी जा सकती है। इस सरप्लस बिजली के बदले उपभोक्ता को तय व्यवस्था के तहत प्रति यूनिट आर्थिक लाभ मिलेगा।
-सरकार ने जनरेशन बेस्ड इंसेंटिव की व्यवस्था में भी बदलाव किया है। अब इसका लाभ पांच साल बाद मिलने के बजाय पहले ही दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि मुफ्त इंस्टॉलेशन, पांच साल के रखरखाव और सरप्लस बिजली से आय के जरिए यह योजना दिल्ली में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देगी और स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को गति देगी।
प्रमुख आंकड़े
लाभार्थी घर: 2.30 लाख
सिस्टम क्षमता: तीन किलोवाट
लक्ष्य: मार्च 2027
केंद्र सब्सिडी: 78 हजार रुपये
दिल्ली सरकार की सब्सिडी: 78 हजार रुपये