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3 बच्चियों की भुखमरी से मौत मामले में आया नया मोड़, इस बात से पिता को बताया जा रहा जिम्मेदार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 28 Jul 2018 06:47 PM IST
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three children death
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली में 3 बच्चियों की भुखमरी मौत मामले में आया नया मोड़ बाप को बताया जा रहा इसका जिम्मेदार पूर्वी दिल्ली के मांडावाली में तीन बच्चियां भुखमरी का शिकार हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टी हुई है। मजिस्ट्रेट जांच में यह सामने आया है कि तीनों लड़कियां दस्त और उल्टी से पीड़ित थी। बताया जा रहा है कि तबीयत खराब होने पर लड़कियों के पिता ने उन्हें अज्ञात दवाई दी थी।
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गौरतलब है कि मंगल सिंह मंगलवार सुबह से लापता हैं। स्थानीय लोग से बातचीत के दौरान मंगल सिंह से जुड़ी कुछ और बातें सामने आई हैं। बताया जा रहा हैं कि मंगल ने साकेत ब्लाक में कई सालों तक एक चाय की दुकान लगाता था। जो कुछ समय के लिए ठीक था लेकिन बाद में धंधा बंद पड़ गया।
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पड़ोसी हरिचंद गोला ने बताया कि दो साल पहले तक वह चाय का स्टाल चला रहा था। कुछ दिन बाद वह दुकान का किराया देने में असर्मथ हो गया था जिससे उसे दुकान बंद करनी पड़ी। इसके बाद उसके परिवार पर परेशानियां आनी शुरू हो गई। मंगल मेहनती इंसान था और उसे अपनी बेटियों से बहुत प्यार भी था।
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three children death
दो साल पहले की बात याद करते हुए गोला ने बताया कि वह अपने पूरे परिवार के साथ मेरे स्टूडियो में फोटो खिचवानें आया था। एक चायवाला अगर स्टूडियो में आकर अपने परिवार के साथ फोटो खिंचवाता है तो ये बड़ी बात है। इससे पता चलता है कि उसे अपने परिवार से कितना लगाव था।
बता दें कि तीनों बच्चियों को मंगलवार सुबह तालाब चौक में मृत पाया गया था। मंगल सिंह पिछले शनिवार को ही साकेत ब्लाक से निकलकर यहां रहने आया था। पहले तो मौत का कारण भुखमरी बताया जा रहा था लेकिन मजिस्ट्रेट ने जो रिपोर्ट उपमुख्यमंत्री मनीष सुसोदिया को सौंपी है उसमें बताया गया है कि लड़कियों को सुबह से उल्टी और दस्त हो रहे थे। जिसके बाद मंगल ने उन्हें अज्ञात दवाई दी जो मौत का कारण हो सकता है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नाम न बताने की शर्त पर मंगल सिंह की चाय स्टाल खरीदने वाले शख्स ने बताया कि आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से मंगल को शराब की लत लग गई थी। चाय की दुकान बंद होने के बाद उसने एक साल तक रिक्शा चलाया हालांकि इसके बाद उसने और पीना शुरू कर दिया।
बता दें कि तीनों बच्चियों को मंगलवार सुबह तालाब चौक में मृत पाया गया था। मंगल सिंह पिछले शनिवार को ही साकेत ब्लाक से निकलकर यहां रहने आया था। पहले तो मौत का कारण भुखमरी बताया जा रहा था लेकिन मजिस्ट्रेट ने जो रिपोर्ट उपमुख्यमंत्री मनीष सुसोदिया को सौंपी है उसमें बताया गया है कि लड़कियों को सुबह से उल्टी और दस्त हो रहे थे। जिसके बाद मंगल ने उन्हें अज्ञात दवाई दी जो मौत का कारण हो सकता है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नाम न बताने की शर्त पर मंगल सिंह की चाय स्टाल खरीदने वाले शख्स ने बताया कि आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से मंगल को शराब की लत लग गई थी। चाय की दुकान बंद होने के बाद उसने एक साल तक रिक्शा चलाया हालांकि इसके बाद उसने और पीना शुरू कर दिया।
पिछले साल उसके पैर में गंभीर चोट लग गई लेकिन पैसे न होने की वजह से वह इलाज नहीं करा सका। इसकी वजह से वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा था और अपने काम पर ध्यान भी नहीं दे पा रहा था। इसके कारण उसकी आर्थिक स्थिति और खराब हो गई। इस सब के बावजूद भी उसने थोड़ी बहुत मेहनत करके अपनी बड़ी बेटी को स्कूल भेजा।
वहीं दूसरे पड़ोसी इमरान मालिक ने बताया कि वह और मंगल 2015 में एक साथ मनी बैक योजना में शामिल हुए थे। मंगल हमारे पास नियमित रुप आता था क्योकि हमारा एजेंट एक था। पिछले कुछ महीनों से उसने अपना मासिक भुगतान भी नहीं किया था।
पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार सिंह के अनुसार मंगल अभी तक लापता है और उसकी जांच जारी है। मंगल की पत्नी बीना को गुरूवार को सरकारी अस्पताल के मनोचिकित्सा वार्ड में भर्ती कराया गया। वह पुलिस को यह बताने में भी असर्मथ रही कि लड़कियां खाने से कैसे वंचित रही। उसे अपने पति के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
वहीं दूसरे पड़ोसी इमरान मालिक ने बताया कि वह और मंगल 2015 में एक साथ मनी बैक योजना में शामिल हुए थे। मंगल हमारे पास नियमित रुप आता था क्योकि हमारा एजेंट एक था। पिछले कुछ महीनों से उसने अपना मासिक भुगतान भी नहीं किया था।
पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार सिंह के अनुसार मंगल अभी तक लापता है और उसकी जांच जारी है। मंगल की पत्नी बीना को गुरूवार को सरकारी अस्पताल के मनोचिकित्सा वार्ड में भर्ती कराया गया। वह पुलिस को यह बताने में भी असर्मथ रही कि लड़कियां खाने से कैसे वंचित रही। उसे अपने पति के बारे में कोई जानकारी नहीं है।