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Delhi NCR News: 2022 बीएमडब्ल्यू हादसे में परिवार को 28.77 लाख का मुआवजा
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अदालत ने चालक की लापरवाही ठहराई जिम्मेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2022 में हुई एक बीएमडब्ल्यू कार दुर्घटना के मामले में मृतक के परिवार को 28.77 लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला सुनाया है। न्यायाधिकरण की अध्यक्ष चारु गुप्ता की अदालत ने इस राशि को रंजन कुमार की मां, पत्नी, दो बेटों और एक बेटी के बीच बांटने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार की ओर से वकील ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि यह हादसा पूरी तरह से कार चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही का नतीजा था, जिसमें रंजन कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। वकील ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना न केवल एक परिवार की जिंदगी बर्बाद कर गई, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति उदासीनता को भी उजागर करती है। न्यायाधिकरण के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि याचिकाकर्ताओं की दलीलों और सबूतों से साबित होता है कि दुर्घटना ड्राइवर की लापरवाही से हुई।
वहीं, अदालत ने वाहन मालिक की उस दलील को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि चालक ने बिना इजाजत कार बाहर निकाली थी। कोर्ट ने इसे निराधार बताते हुए मालिक को भी दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी से जोड़ा। मामले में 10 जुलाई, 2022 की देर रात लाला लाजपत राय मार्ग पर रंजन कुमार को गंभीर रूप से घायल अवस्था में फुटपाथ पर पाया गया था। उन्हें तुरंत एम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि हादसे के समय बीएमडब्ल्यू कार को शुभम जैन चला रहा था। घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों ने पूरी वारदात को कैद कर लिया था, जो सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया गया।
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नहीं करा रखा था कार का बीमा
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि हादसे के वक्त कार का कोई बीमा नहीं था। वाहन मालिक ने बचाव में कहा कि लगातार तकनीकी खराबी के कारण बीमा पॉलिसी नवीनीकृत नहीं हो सकी थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार मरम्मत के लिए वर्कशॉप में थी, जहां शुभम जैन काम करता था, और चालक ने अनधिकार कार ले ली। हालांकि, कोर्ट ने इन तर्कों को अस्वीकार करते हुए मालिक को मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2022 में हुई एक बीएमडब्ल्यू कार दुर्घटना के मामले में मृतक के परिवार को 28.77 लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला सुनाया है। न्यायाधिकरण की अध्यक्ष चारु गुप्ता की अदालत ने इस राशि को रंजन कुमार की मां, पत्नी, दो बेटों और एक बेटी के बीच बांटने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार की ओर से वकील ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि यह हादसा पूरी तरह से कार चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही का नतीजा था, जिसमें रंजन कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। वकील ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना न केवल एक परिवार की जिंदगी बर्बाद कर गई, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति उदासीनता को भी उजागर करती है। न्यायाधिकरण के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि याचिकाकर्ताओं की दलीलों और सबूतों से साबित होता है कि दुर्घटना ड्राइवर की लापरवाही से हुई।
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वहीं, अदालत ने वाहन मालिक की उस दलील को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि चालक ने बिना इजाजत कार बाहर निकाली थी। कोर्ट ने इसे निराधार बताते हुए मालिक को भी दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी से जोड़ा। मामले में 10 जुलाई, 2022 की देर रात लाला लाजपत राय मार्ग पर रंजन कुमार को गंभीर रूप से घायल अवस्था में फुटपाथ पर पाया गया था। उन्हें तुरंत एम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि हादसे के समय बीएमडब्ल्यू कार को शुभम जैन चला रहा था। घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों ने पूरी वारदात को कैद कर लिया था, जो सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया गया।
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नहीं करा रखा था कार का बीमा
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि हादसे के वक्त कार का कोई बीमा नहीं था। वाहन मालिक ने बचाव में कहा कि लगातार तकनीकी खराबी के कारण बीमा पॉलिसी नवीनीकृत नहीं हो सकी थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार मरम्मत के लिए वर्कशॉप में थी, जहां शुभम जैन काम करता था, और चालक ने अनधिकार कार ले ली। हालांकि, कोर्ट ने इन तर्कों को अस्वीकार करते हुए मालिक को मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया।