2012 मारुति सुजुकी प्लांट हिंसा केसः 31 कर्मचारी दोषी करार, 17 को मिलेगी सजा
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2012 में गुड़गांव के मानेसर में मारुति सुजुकी के प्लांट में हुई हिंसा में आज कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए 31 लोगों को दोषी करार देते हुए 117 आरोपियों को बरी कर दिया है।
बता दें कि 2012 में हुई हिंसा में मारुति प्लांट के महाप्रबंधक अवनीश कुमार देव जलकर मर गए थे। सभी दोषियों की सजा का ऐलान 17 मार्च को होगा। गुरुग्राम मारुती कांड में दोषी करार दिए गए 31 लोग। 13 लोगों को धारा 302, 307, 436, 427, 325 में दोषी करार दिया गया। 4 लोगों को धारा 452, 147, 148, 149 में दोषी करार दिया गया। 14 लोगों को धारा 323, 325, 427, 147, 148 में दोषी करार दिया गया।
इस घटना में तीन जापानी अधिकारी समेत कुल 46 लोग घायल हुए थे। सरकार ने मामले की जांच एसआईटी को सौंपी थी। इसके बाद काफी समय तक प्लांट में काम ठप रहा था। आरोपी कर्मचारियों को बर्खास्त भी कर दिया गया था।
2300 कर्मचारी हुए थे बर्खास्त
बर्खास्त कर्मियों पर आरोप है कि वह मारुति-सुजुकी के मानसेर प्लांट में आगजनी और तोड़फोड़ में संलिप्त थे। एचआर मैनेजर की हत्या भी उस दौरान हो गई थी।
इन सभी मामलों में 148 मारुति कर्मियों को आरोपी बनाया गया था। इसमें से एक-दो जमानत पर बाहर है। अन्य 147 आरोपी अभी भी जेल में हैं। दो और आरोपियों की जमानत याचिका कोर्ट में है। इसी माह उसकी सुनवाई है।
मारुति के मानेसर प्लांट में 18 जुलाई, 2012 को हिंसा के बाद तकरीबन 2,300 कर्मचारी बर्खास्त किए गए थे। इसमें 546 स्थाई कर्मचारी, 1,800 कांट्रैक्ट सहित कैजुलअ और ट्रेनी थे।