मौत के बाद भी 6 जिंदगियां संवार गया किशोर
सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, लेकिन इस दुनिया से जाने के बाद भी उसका दिल दिल्ली की एक महिला में धड़कता रहेगा।
युवक के हृदय को शालीमार बाग के एक निजी अस्पताल से साकेत स्थित एक निजी अस्पताल लाया गया। वहीं लिवर दिल्ली सरकार के स्वायत्त संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बैलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) में दिल्ली पुलिस के एक कर्मी को प्रत्यारोपित किया गया।
सड़क हादसे में घायल 17 वर्षीय युवक को शालीमार बाग स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार की रात ब्रेन डेड घोषित किया गया इसके बाद परिजनों ने अंग दान करने का निर्णय लिया।
दिल्ली की महिला के सीने में धड़केगा दिल
युवक का हृदय साकेत स्थित एक निजी अस्पताल, लिवर आईएलबीएस, किडनी शालीमार बाग के ही एक एक निजी अस्पताल में मरीजों को प्रत्यारोपित किया गया। दोनों कॉर्निया एम्स के आई बैंक को भेज दिया गया।
दिल्ली यातायात पुलिस की मदद से शालीमार बाग के निजी अस्पताल से साकेत के एक निजी अस्पताल तक 32 किलोमीटर की दूरी 45 मिनट 27 सेकेंड में पूरा किया गया जबकि लिवर 45 मिनट में आईएलबीएस अस्पताल पहुंचा।
हृदय दिल्ली की नजफगढ़ की रहने वाली एक 46 वर्षीय महिला को प्रत्यारोपित किया गया। वो करीब नौ माह से हृदय प्रत्यारोपण के लिए इंतजार कर रही थीं।
194 मिनट में ट्रांसप्लांड किया गया हृदय
इनके पति आर्मी में कार्यरत हैं। हृदय प्रत्यारोपण के बाद महिला का स्वास्थ्य सामान्य है हालांकि अभी आईसीयू में भर्ती है। हार्ट ट्रांसप्लांट के प्रोग्राम इंचार्ज डॉ. केवल कृष्ण ने बताया कि 194 मिनट में हृदय को डोनर के शरीर से निकाल कर महिला के शरीर में प्रत्यारोपित कर दिया गया।
शरीर से निकालने के चार घंटे के अंदर हृदय को दूसरे शरीर में प्रत्यारोपित करना जरूरी होता है। लिवर 45 मिनट में शालीमारबाग के एक अस्पताल से वसंत कुंज स्थित आईएलबीएस अस्पताल पहुंचा।
लिवर दिल्ली पुलिस के एक कर्मी को प्रत्यारोपित किया गया है।
5 घंटे में ट्रांसप्लांट कर दिया लिवर
लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. वी पामेचा ने बताया कि मरीज का लिवर खराब हो चुका था और करीब डेढ़ वर्ष से लिवर प्रत्यारोपण कराने का इंतजार कर रहा था।
डोनर के शरीर से लिवर निकालने से लेकर मरीज में प्रत्यारोपित करने में करीब पांच घंटे का समय लगा। उन्होंने बताया कि मरीज की हालात सामान्य है।
दोनों किडनी उसी अस्पताल में मरीजों को प्रत्यारोपित की गई जहां युवक को ब्रेन डेड घोषित किया गया था। एक किडनी मेरठ की एक 35 वर्षीय महिला और दूसरी किडनी दिल्ली के ही एक 22 वर्षीय युवक को प्रत्यारोपित की गई।