फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   150 employees of DTC dismissed

डीटीसी के 150 कर्मचारी बर्खास्त, 10वें दिन भी जारी रहा धरना-प्रदर्शन, दिल्ली सरकार पर लगाए आरोप

Thu, 01 Nov 2018 04:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 01 Nov 2018 04:26 AM IST
विज्ञापन
150 employees of DTC dismissed
डीटीसी धरना प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

डीटीसी ने धरने-प्रदर्शन में शामिल 150 अस्थायी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। बुधवार को 10वें दिन भी कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहा। दो दिन से कर्मचारी भूख हड़ताल भी कर रहे हैं। उधर, दिल्ली पुलिस ने एस्मा के तहत कर्मचारियों के खिलाफ छह रिपोर्ट दर्ज की है। इनमें पांच सरोजिनी नगर थाने और एक मंगोलपुरी थाने में दर्ज की गई है।

विज्ञापन


डीटीसी के चेयरमैन मनोज कुमार ने बताया कि धरने पर बैठे अस्थायी कर्मचारियों में से 150 को बर्खास्त कर दिया गया है। डीटीसी बस डिपो पर इनकी सूची दे दी गई है। उन्होंने कहा कि डीटीसी में नए कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। दिल्लीवासियों की सुविधा के लिए डीटीसी बेहतर प्रयास कर रही है।
विज्ञापन


उधर, डीटीसी कांट्रेक्च्युअल इंप्लॉइज यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज शर्मा ने कहा कि प्रशासन कर्मचारियों पर धरना हटाने का दबाव बना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुधवार को धरना-प्रदर्शन स्थल से पानी का टैंकर हटा दिया गया और बिजली काटकर माइक भी बंद करा दिया गया। उन्होंने कहा कि समान काम समान वेतन, बर्खास्त कर्मचारियों को वापस लेने और डीटीसी में ठेकेदारी की बसें चलाने के प्रस्ताव पर रोक की मांगें पूरी नहीं होती, तब तक कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने दिया समर्थन
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी प्रदर्शन कर रहे डीटीसी कर्मचारियों के बीच पहुंचे और उनकी समान काम समान वेतन, निलंबित और बर्खास्त कर्मचारियों की तुरंत बहाली की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने चार साल बाद भी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया। कर्मचारी हक पाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। डीटीसी बसें जरूरत से आधी होने के कारण दिल्लीवाले परेशान हो रहे हैं, लेकिन सरकार उचित कदम नहीं उठा रही। 2015 में 8000 बसें डीटीसी बसें सड़कों पर थीं, जो अब 3800 ही बचीी हैं। उनके साथ विधायक कपिल मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय महावर आदि भी थे।


विजेंद्र गुप्ता ने सीएम को लिया आड़े हाथ
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का यह आरोप सफेद झूठ है कि भाजपा नहीं चाहती कि मजदूरों का वेतन बढ़े। एक बयान में उन्होंने कहा कि पार्टी केंद्र सरकार के न्यूनतम वेतन फार्मूले को दिल्ली में लागू करने की लगातार मांग कर रही है। डीटीसी कर्मचारियों की हड़ताल पर उन्होंने कहा कि उन्हें हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। समान काम समान वेतन के वायदे से दिल्ली सरकार मुकर गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed