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Delhi NCR News: दिल्ली में 13 नए वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशन लगेंगे, 10 साल तक होगी निगरानी
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पीएम2.5, ओजोन, नॉक्स समेत प्रदूषकों की होगी लगातार जांच, टेंडर जारी, 20 अगस्त तक आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने शहर में 13 नए कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (सीएएक्यूएमएस) लगाने के लिए टेंडर जारी किया है। इन स्टेशनों के जरिए प्रदूषकों की लगातार निगरानी होगी और अधिक सटीक डेटा उपलब्ध होगा।
चयनित कंपनी को स्टेशनों की सप्लाई, इंस्टॉलेशन व कमीशनिंग के साथ 10 वर्षों तक संचालन व रखरखाव भी करना होगा। स्टेशनों में पीएम2.5, पीएम10, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, ओजोन, अमोनिया, बेंजीन, टोल्यून, एथिलबेंजीन व जाइलीन जैसे प्रदूषकों की निगरानी के उपकरण लगाए जाएंगे। मौसम संबंधी उपकरण, कैलिब्रेशन सिस्टम व अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
टेंडर शर्तों के अनुसार, आवेदक कंपनी के पास पिछले सात वर्षों में कम से कम पांच एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने का अनुभव व पिछले तीन वित्तीय वर्षों में 15 करोड़ रुपये का औसत वार्षिक टर्नओवर होना चाहिए। चयनित कंपनी को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक कार्यालय व सर्विस सेंटर स्थापित करना होगा। 10 अगस्त को प्री-बिड मीटिंग होगी, जबकि आवेदन 20 अगस्त तक जमा किए जा सकेंगे। इसी दिन तकनीकी बिड खोली जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने शहर में 13 नए कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (सीएएक्यूएमएस) लगाने के लिए टेंडर जारी किया है। इन स्टेशनों के जरिए प्रदूषकों की लगातार निगरानी होगी और अधिक सटीक डेटा उपलब्ध होगा।
चयनित कंपनी को स्टेशनों की सप्लाई, इंस्टॉलेशन व कमीशनिंग के साथ 10 वर्षों तक संचालन व रखरखाव भी करना होगा। स्टेशनों में पीएम2.5, पीएम10, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, ओजोन, अमोनिया, बेंजीन, टोल्यून, एथिलबेंजीन व जाइलीन जैसे प्रदूषकों की निगरानी के उपकरण लगाए जाएंगे। मौसम संबंधी उपकरण, कैलिब्रेशन सिस्टम व अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
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टेंडर शर्तों के अनुसार, आवेदक कंपनी के पास पिछले सात वर्षों में कम से कम पांच एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने का अनुभव व पिछले तीन वित्तीय वर्षों में 15 करोड़ रुपये का औसत वार्षिक टर्नओवर होना चाहिए। चयनित कंपनी को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक कार्यालय व सर्विस सेंटर स्थापित करना होगा। 10 अगस्त को प्री-बिड मीटिंग होगी, जबकि आवेदन 20 अगस्त तक जमा किए जा सकेंगे। इसी दिन तकनीकी बिड खोली जाएगी।
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