फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   12 families who came out of JP heights returned, said- Why waiting 7 days for accident

जेपी हाईट्स से बाहर निकाले 12 परिवार वापस लौटे, कहा- हादसे की आशंका तो 7 दिन का इंतजार क्यों?

Mon, 23 Jul 2018 10:03 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Mon, 23 Jul 2018 10:03 AM IST
विज्ञापन
12 families who came out of JP heights returned, said- Why waiting 7 days for accident
बिसरख थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला

हादसे की आशंका से पुलिस प्रशासन ने नोटिस देकर शाहबेरी स्थित सिद्धार्थ अपार्टमेंट-1 के 12 परिवारों और एक अन्य इमारत से चार परिवारों को शनिवार शाम घर खाली करा दिया था। रात भर इधर-उधर भटकने व रिश्तेदारों के घर रुकने के बाद सभी परिवार रविवार को वापस लौट आए और उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर रोष प्रकट किया। लोगों ने मांगी कि अगर जेपी हाइट्स की बिल्डिंग गिरने वाली है, तो उसे तुरंत गिरा दिया जाए और उनके रहने आदि की उचित व्यवस्था की जाए।  

विज्ञापन


शाहबेरी में शनिवार को प्राधिकरण की टीम ने जेपी हाईट्स नामक इमारत के झुकी होने की सूचना पर उसे सील किया था। लेकिन देर शाम को हुई भारी बरसात के बाद इमारत के और अधिक झुकने की सूचना मिली तो पुलिस, प्रशासन और प्राधिकरण के अधिकारी हरकत में आ गए। जिसके लिए आनन फानन में अलर्ट भी जारी कर दो इमारतों से 16 परिवारों से घर खाली करा लिए थे। रविवार सुबह जब सभी परिवार वहां पहुंचे तो न तो वहां पुलिस थी और न ही प्रशासन या फिर प्राधिकरण का कोई अधिकारी।
विज्ञापन


ऐसे में सामान चोरी होने की आशंका से लोग आक्रोशित होकर बिसरख कोतवाली पहुंच गए। लोगों का कहना है प्रशासन ने उन्हें परेशान करने के लिए इमारत खाली कराई थी। अगर, वह गिरने वाली है तो सात दिन का इंतजार क्यों। प्रशासन को उनके रहने आदि की व्यवस्था कर इमारत तुरंत गिरा देनी चाहिए। लोगों ने कहा कि वह अब अपनी इमारत में रहेंगे और प्रशासन उनके रहने का प्रबंध नहीं करेगा तो इमारत खाली नहीं करेंगे।  

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस की चेतावनी के बाद भी नहीं खाली की बिल्डिंग      

शाहबेरी में पुलिस ने शनिवार की शाम को तीन बिल्डिंगें खाली कराई थीं ताकि असुरक्षित घोषित की गई जेपी हाइट्स बिल्डिंग के गिरने पर किसी तरह के जान माल का नुकसान नहीं हो सके। हालांकि रविवार को लोग फिर से अपने फ्लैट में पहुंच गए। हालांकि, कुछ परिवार दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। 

प्राधिकरण ने शनिवार को शाहबेरी गांव में जेपी हाइट्स बिल्डिंग को खाली कराने के बाद सील कर दी थी। शाम को बिसरख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास की तीन बिल्डिंग को खाली करा दिया। इनमें जीके होम्स वन, सिद्धार्थ अपार्टमेंट व एक निजी मकान था। आशंका थी कि बारिश के कारण जेपी हाइट्स बिल्डिंग गिर सकती है। पुलिस ने सामान की सुरक्षा करने का भी भरोसा दिया था, लेकिन इसका असर नहीं हुआ। 

रविवार को आसपास की बिल्डिंग में लोग फिर से पहुंच गए। जीके होम्स वन में चार परिवार रह रहे थे। वहीं सिद्धार्थ अपार्टमेंट और एक अन्य बिल्डिंग में भी खरीदार रहने पहुंच गए। एक महिला का कहना है कि वह अपना मकान छोड़कर नहीं जाएगी। दूसरी जगह जाने पर किराया पहले देना होगा। अगर मरना यहीं लिखा है तो यहीं सही। मकान छोड़कर जाने से रोजमर्रा की लाइफ अव्यवस्थित हो जाएगी।

 वहीं काफी लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। जेपी हाइट्स बिल्डिंग से निकाले गए वीरेंद्र का कहना है कि रात को उनका परिवार गाजियाबाद चला गया है। वहां एक रिश्तेदार रहते है। फिलहाल उनके यहां शरण ली है। मोहम्मद रफी व मोहम्मद सोहेल का कहना है कि वे किराये पर रहते हैं। हादसे के बाद यहां रहने का मन नहीं है। अब नोएडा शिफ्ट होंगे। वहां किराया थोड़ा ज्यादा है, लेकिन जान से प्यारा कुछ नहीं।

अपना मकान छोड़कर नहीं जाऊंगी। चाहे कुछ भी हो जाए। दूसरी जगह जाने के लिये पैसे नहीं है। बच्चे स्कूल जाते है, अगर कहीं ओर जाएंगे तो उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होगी।
- रूखसाना, स्थानीय निवासी 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed