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10वीं पास निकला शातिर ठग: MBBS में दाखिला दिलाने का देता था झांसा, कई लोगों से लाखों हड़प चुका है लकी

Mon, 27 Mar 2023 07:12 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Mon, 27 Mar 2023 07:12 PM IST
सार

आरोपी लकी ने पूछताछ में बताया कि वह नीट पास करने वाले छात्रों की जानकारी जुटा लेता था। इसके बाद वह छात्रों को फोन करता था और उन्हें विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस व पीजी पाठ्यक्रम में दाखिला दिलाने का झांसा देता था।

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10th pass used to cheat in the name of getting admission in MBBS
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

10वीं पास शख्स एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर ठगी करने में लगा हुआ था। आरोपी शख्स लकी सिद्धू एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर दिल्ली में 12 लाख और लुधियाना, पंजाब में 47 लाख रुपये ठग लिए। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने लकी सिद्धू को रानी बाग, दिल्ली से गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने डाबडी के एक जालसाजी के मामले में उसे भगोड़ा घोषित किया हुआ था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी कितने छात्रों के साथ ठगी कर चुका है।

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अपराध शाखा पुलिस अधिकारियों के अनुसार पीडित प्रीतम सिंह ने साइबर सेल में तैनात इंस्पेक्टर मनोज कुमार मिश्रा को शिकायत दी थी कि उसके बेटे शिवशक्ति का एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर आरोपी लकी सिद्धू ने 12 लाख रुपये ठग लिए है। आरोपी ने बेंगलुरू में स्थित मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने की बात कही थी। प्रीतम सिंह ने बताया कि उसके पास जुलाई, 2018 में एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि वह उसके बेटे का बेंगलुरू स्थित मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिला सकता है। आरोपी ने 30 लाख रुपये की मांग की। प्रीतम सिंह आरोपी के उत्तम नगर स्थित घर गया और उसे 10 लाख रुपये नकद दे दिए। 

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आरोपी ने कहा कि वह बेटे को बेंगलुरू ले जाए। वहां उसे उसका भाई रिंकू मिलेगा। पीडित ने रिंकू को दो लाख रुपये दे दिए। रिंकू ने दाखिला प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। प्रीतम सिंह को बाद में कॉलेज से पता लगा कि उसके बेटे का कॉलेज में कोई दाखिला नहीं हुआ है। इंस्पेक्टर मनोज कुमार मिश्रा की देखरेख में एसआई प्रमोद कुमार, एसआई राकेश मलिक और एएसआई संजय कुमार की टीम आरोपी की तलाश कर रही थी।

अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि एसआई प्रमोद कुमार को सूचना मिली कि जालसाज लकी सिद्धू रानी बाग, दिल्ली में है। एसआई प्रमोद कुमार व एसआई राकेश मलिक की टीम ने लकी सिद्धू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दो वर्ष से फरार था। 10वीं पास लकी शुरू में प्रॉपर्टी डीलर था। वर्ष 2016 में इसने समर्थ एजुकेशन नाम से कंसल्टेंसी फर्म खोली।

आरोपी ऐसे करता था ठगी
आरोपी लकी ने पूछताछ में बताया कि वह नीट पास करने वाले छात्रों की जानकारी जुटा लेता था। इसके बाद वह छात्रों को फोन करता था और उन्हें विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस व पीजी पाठ्यक्रम में दाखिला दिलाने का झांसा देता था। कई बार ये छात्रों से एडवांस में पैसा लेने में सफल हो जाता था। पैसा लेने के बाद ये गायब हो जाता था। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी से जालसाजी का अपराध शाखा, डाबडी और लुधियाना, पंजाब में दर्ज तीन मामलों को सुलझाने का दावा किया है।

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