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Delhi NCR News: रोहिणी में 10 हजार मीट्रिक टन गाद हटी, जल निकासी क्षमता बढ़ी
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डीडीए ने की चार किलोमीटर लंबे भूमिगत नाले की सफाई, मानसून में जलभराव कम करने का दावा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डीडीए ने रोहिणी इलाके में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए भूमिगत नाले की सफाई करवाई है। अभियान के तहत नाले से अब तक 10 हजार मीट्रिक टन से अधिक गाद और कचरा हटाया जा चुका है।
परियोजना रोहिणी के 4.095 किलोमीटर लंबे भूमिगत नाले पर चल रही है। पूरे नेटवर्क में 75 इंस्पेक्शन चैंबर बनाए गए हैं। इस नाले में वर्षों से लगातार गंदे पानी के प्रवाह और भारी मात्रा में गाद जमा होने के कारण पाइपों की जल वहन क्षमता कम हो गई थी।
अधिकारियों का कहना है कि इस नाले से रोहिणी के सेक्टर-20, 21, 22 और 23 के अलावा किराड़ी और बेगमपुर के कुछ हिस्सों के पानी की निकासी होती है। इसलिए इसे इलाके की प्रमुख जल निकासी लाइन माना जाता है। डीडीए का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद मानसून के दौरान वर्षा जल का प्रवाह बेहतर होगा और रोहिणी समेत आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की आशंका कम होगी।
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पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी क्षेत्रों में नालों की सफाई का काम पूरा
डीडीए ने बताया कि इस साल पूर्व-मानसून अभियान के तहत दिल्ली को पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी, नरेला, रोहिणी और द्वारका इन छह परिचालन क्षेत्रों में विभाजित कर सफाई अभियान चलाया गया। पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी क्षेत्रों में नालों की सफाई का काम पूरा हो चुका है, जबकि नरेला, रोहिणी और द्वारका क्षेत्रों में अंतिम चरण का काम जारी है। डीडीए के अनुसार, इस साल की सफाई पिछले वर्ष की तुलना में कई गुना बड़े पैमाने पर की गई है। पिछले वर्ष पूर्व-मानसून अभियान के दौरान लगभग 33,380 मीट्रिक टन गाद निकाली गई थी, जबकि इस वर्ष अब तक 57,000 मीट्रिक टन से अधिक गाद हटाई जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डीडीए ने रोहिणी इलाके में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए भूमिगत नाले की सफाई करवाई है। अभियान के तहत नाले से अब तक 10 हजार मीट्रिक टन से अधिक गाद और कचरा हटाया जा चुका है।
परियोजना रोहिणी के 4.095 किलोमीटर लंबे भूमिगत नाले पर चल रही है। पूरे नेटवर्क में 75 इंस्पेक्शन चैंबर बनाए गए हैं। इस नाले में वर्षों से लगातार गंदे पानी के प्रवाह और भारी मात्रा में गाद जमा होने के कारण पाइपों की जल वहन क्षमता कम हो गई थी।
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अधिकारियों का कहना है कि इस नाले से रोहिणी के सेक्टर-20, 21, 22 और 23 के अलावा किराड़ी और बेगमपुर के कुछ हिस्सों के पानी की निकासी होती है। इसलिए इसे इलाके की प्रमुख जल निकासी लाइन माना जाता है। डीडीए का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद मानसून के दौरान वर्षा जल का प्रवाह बेहतर होगा और रोहिणी समेत आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की आशंका कम होगी।
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पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी क्षेत्रों में नालों की सफाई का काम पूरा
डीडीए ने बताया कि इस साल पूर्व-मानसून अभियान के तहत दिल्ली को पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी, नरेला, रोहिणी और द्वारका इन छह परिचालन क्षेत्रों में विभाजित कर सफाई अभियान चलाया गया। पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी क्षेत्रों में नालों की सफाई का काम पूरा हो चुका है, जबकि नरेला, रोहिणी और द्वारका क्षेत्रों में अंतिम चरण का काम जारी है। डीडीए के अनुसार, इस साल की सफाई पिछले वर्ष की तुलना में कई गुना बड़े पैमाने पर की गई है। पिछले वर्ष पूर्व-मानसून अभियान के दौरान लगभग 33,380 मीट्रिक टन गाद निकाली गई थी, जबकि इस वर्ष अब तक 57,000 मीट्रिक टन से अधिक गाद हटाई जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाती है।