इंडियन आयडल में ले जाने का सपना दिखाकर युवती से कई सालों तक किया दुराचार, आरोपी दबोचा
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मायानगरी मुंबई में रहने के सपने दिखाकर एक युवती से दुराचार का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक ने उसे इंडियन आयडल में भाग दिलाने का झांसा दिया था।
आरोपी ने पहले मसूरी में और फिर दिल्ली में कई महीनों तक दुराचार किया। युवती को जब उसकी असलियत पता चली तो उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसआई कोतवाली अशोक राठौर ने बताया कि युवती की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी फिरोज खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह मेरठ के साबरी गेट, बड़ी मस्जिद थाना कोतवाली का रहने वाला है।
इंडियन आयडल की साइट पर सिंगिंग कांप्टीशन में भाग लेने की इच्छा जताई थी
पुलिस ने उसे बुधवार को तहसील चौक से गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक देहरादून की एक युवती ने बुधवार को शहर कोतवाली में तहरीर दी है। युवती बीकॉम पास है और वह गाने का शौक रखती थी।
साल 2016 में उसने इंडियन आयडल की साइट पर सिंगिंग कांप्टीशन में भाग लेने की इच्छा जताई थी। इसके बाद युवती के पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को इंडियन आयडल ग्रुप का व्यक्ति बताया और कहा कि वह उससे देहरादून में मिलने आएगा।
जुलाई 2016 में वह युवती से मिलने आया और मिलने के लिए मसूरी ले गया। वहां उसने ऐसी बातें की कि युवती को यकीन हो गया कि वह सही आदमी है। वहां उसने झांसे में लेकर उससे दुराचार किया। युवती ने जब विरोध करना चाहा तो उसने कहा कि इस सब की उसे आदत डालनी होगी। इसके बाद उसने युवती को प्रैक्टिस के बहाने दिल्ली बुलाया और कहा कि करियर बनाने के लिए उसे यह सब बर्दाश्त करना होगा। दिल्ली में भी उसने कई बार युवती से दुराचार किया।
आधार कार्ड में उसका नाम था फिरोज खान
इस बीच एक दिन उसने युवती से कहा कि वह इंडियन आयडल में भाग नहीं ले सकती, लिहाजा उसे सीए की तैयारी करनी चाहिए। युवती उस वक्त तो अपने घर वापस आ गई, मगर कुछ दिन बाद फिर दिल्ली चली गई और सीए की तैयारी करने लगी।
आरोप है कि युवक बार-बार उसके पास आकर दुराचार करता रहा। इसी दौरान एक दिन युवती के हाथ उसका आधार कार्ड लग गया, जिसमें उसका नाम फिरोज खान लिखा हुआ था। जबकि, युवक इससे पहले खुद को अभिषेक बता रहा था। इस बात का शक होते ही उसने अपने परिवार वालों को यह बात बताई। युवती का आरोप है कि फिरोज ने उसका एटीएम कार्ड लेकर भी पैसे निकाले हैं।
बीसीए पास है, लगाता है आर्टिफिशियल ज्वैलरी की प्रदर्शनी
जांच में पता चला है कि युवक ने दिल्ली से बीसीए किया हुआ है। उसने पहले भी कई लड़कियों को इस तरह से शिकार बनाया है। लेकिन, काफी दिनों से उसने यह सब छोड़कर आर्टिफिशियल ज्वैलरी की प्रदर्शनी लगाने का काम शुरू किया है। आरोप है कि वह 10-15 लोगों को कई तरह का झांसा देकर रुपये ऐंठ चुका है।
बलात्कार का आरोपी दबोचा
देहरादून के सेलाकुई में ट्यूशन से घर लौटने के दौरान नाबालिग छात्रा से बलात्कार करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ बलात्कार और पोक्सो अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं नाबालिग की मेडिकल जांच में बलात्कार की पुष्टि हुई है। बुधवार को नाबालिग के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी दर्ज कराए गए।
मामलू हो कि बीते 27 सितंबर को थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में ट्यूशन के बाद घर छोड़ने के बहाने एक लड़के ने नाबालिग को झाड़ियों में ले जाकर बलात्कार किया था। घटना के बाद से ही नाबालिक गुमसुम और डरी सहमी थी। बीते सोमवार सुबह उसने परिजनों को आपबीती बताई। इसके बाद नाबालिग के पिता ने सहसपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। थानाध्यक्ष नरेश राठौर ने बताया कि आरोपी बालिग है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की पहचान मेहरबान पुत्र वहीद हसन निवासी बरोटीवाला के रूप में हुई। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पोक्सो कोर्ट ने मां-बेटे को किया अरोपमुक्त
देहरादून में नाबालिग के अपहरण और दुराचार के प्रयास के आरोपी मां-बेटे को विशेष पोक्सो कोर्ट रमा पांडे की अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया है। आरोपियों के खिलाफ एक जून 2016 को मुकदमा दर्ज किया गया था।
अधिवक्ता सौरभ दुसेजा ने बताया कि एक व्यक्ति ने कोतवाली क्षेत्र निवासी दीपक व उसकी मां सुरेशो देवी के खिलाफ तहरीर दी थी। आरोप था कि दीपक की मां ने उसकी नाबालिग बेटी को सहारनपुर चौक बुलाया था। वहां दीपक ऑटो लेकर पहुंचा हुआ था और उनकी बेटी को जबरदस्ती ऑटो में बैठा लिया। इसके बाद उसे आईएसबीटी ले गया, जहां उससे दुराचार का प्रयास किया। इस बीच एक व्यक्ति ने उनकी बेटी को मां-बेटों के चंगुल से छुड़ाया। मामले में पुलिस ने दो माह के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी थी। अब जब मुकदमा चला तो अभियोजन की ओर से घटना के संबंध में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए। लिहाजा न्यायालय ने बचाव पक्ष की दलीलों को स्वीकारते हुए साक्ष्यों के अभाव में दीपक व सुरेशो देवी को आरोपमुक्त कर दिया।