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देहरादून: एसओजी और कैंट पुलिस ने चोरी की नौ कारों के साथ एक युवक को किया गिरफ्तार

Fri, 03 Sep 2021 02:54 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Fri, 03 Sep 2021 02:54 PM IST
सार

एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने पत्रकार वार्ता में बताया कि एसओजी को लगातार सूचना मिल रही थी कि शहर और आसपास चोरी की कारें बेची जा रही हैं। इस पर एसओजी इंस्पेक्टर नदीम अतहर की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया।

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Youth arrested with nine stolen cars
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

एसओजी और कैंट पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। उसके पास से चोरी की नौ कारें बरामद हुई हैं। उसके दो साथी पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। आरोपी कारों के चेसिस और इंजन नंबर में हेराफेरी कर बेचते थे। बताया जा रहा है कि इनके पास से और भी कारें बरामद हो सकती हैं।

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एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने पत्रकार वार्ता में बताया कि एसओजी को लगातार सूचना मिल रही थी कि शहर और आसपास चोरी की कारें बेची जा रही हैं। इस पर एसओजी इंस्पेक्टर नदीम अतहर की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया। बुधवार रात को टीम दून स्कूल के सामने एक खाली प्लाट में पहुंची। वहां एक युवक खड़ी कारों को चेक कर रहा था। इस पर उससे बात करने की कोशिश की गई तो वह भागने लगा।
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पुलिस ने उसे पकड़ा तो उसके पास से नौ चाबियां बरामद हुईं। यह सब चाबियां इन कारों की ही थी। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रणीत पाल निवासी चौक बाजार, डोईवाला बताया। उसने बताया कि यह सब गाड़ियां चोरी की हैं और इन्हें जल्द ही बेचा जाना है। इस काम में उसके साथी शमशाद निवासी कुकड़ा, मुजफ्फरनगर और हैदर निवासी रेशम माजरी जीवनवाला हैं। प्लाट से एक टाटा जेस्ट, पांच मारुति स्विफ्ट, एक मारुति डिजायर, एक टोयोटा ग्लैंजा और एक महिंद्रा बोलेरो कैंपर कार बरामद हुई। बृहस्पतिवार को प्रणीत को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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डैमेज कार का इंजन और चेसिस नंबर लगाते हैं कारों पर
पूछताछ में प्रणीत ने बताया कि वह कबाड़ियों से डैमेज हुई कार खरीदते हैं। यह कार कबाड़ियों को इंश्योरेंस कंपनियां बेचती हैं। इसके बाद इनके कागजातों को वे अपने पास रख लेते हैं। इस बीच प्रणीत और उसके साथी उसी मॉडल की गाड़ियों को चोरी करते हैं। कबाड़ की गाड़ियों के चेसिस नंबर के हिस्से को काटकर चोरी वाली कार से चिपका दिया जाता है। इसके साथ ही इंजन नंबर को भी इसी तरह से वेल्ड कर चिपका दिया जाता है। फिर इन गाड़ियों को लोगों को बेच दिया जाता है।


एमएससी पास है प्रणीत, चलाता है गैराज
प्रणीत मूलरूप से डोईवाला का रहने वाला है। वह गणित से एमएससी पास है। नौकरी न लगने के कारण उसने अपना कार गैराज खोल दिया। जहां एक दिन उसकी मुलाकात शमशाद व उसके साथियों से हुई। शमशाद ने उसे चेसिस और इंजन नंबर के खेल के बारे में बताया। मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में प्रणीत भी आ गया और उसने यह सब काम उन लोगों के साथ मिलकर शुरू कर दिया।

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