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उत्तराखंड कर्मकार बोर्ड: अब ऑनलाइन मिलेगा मजदूरों का हक, बोर्ड तैयार करा रहा है सॉफ्टवेयर
Tue, 26 Dec 2023 04:09 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 26 Dec 2023 04:09 PM IST
सार
अभी तक प्रदेश में जितनी भी निर्माण परियोजनाएं शुरू होती हैं, उनका प्रतिशत लेबर सेस कर्मकार बोर्ड के खातों में आते-आते लंबा समय लग जाता है।
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
अब किसी भी नई निर्माण परियोजनाओं से कर्मकार बोर्ड को लेबर सेस तत्काल मिलेगा। इसके लिए उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के स्तर से एक सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा, ताकि एक प्रतिशत लेबर सेस ऑनलाइन सीधे बोर्ड के खाते में जमा हो जाए।
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दरअसल, अभी तक प्रदेश में जितनी भी निर्माण परियोजनाएं शुरू होती हैं, उनका प्रतिशत लेबर सेस कर्मकार बोर्ड के खातों में आते-आते लंबा समय लग जाता है। कई बार तो कई प्रोजेक्ट का करोड़ों रुपये का सेस एक साल तक भी बोर्ड के खातों में नहीं पहुंच पाता। इस वजह से श्रमिकों के कल्याण के लिए चल रही योजनाओं पर भी असर पड़ता है।
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बोर्ड ने इस प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की कवायद शुरू कर दी है। कर्मकार बोर्ड के अधिकारी ने बताया, इसके लिए एचडीएफसी के सहयोग से निशुल्क सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। जो भी नई निर्माण परियोजना होगी, उसका लेबर सेस इस वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन सीधे बोर्ड के खाते में जाएगा। नए साल में ये शुरुआत होने जा रही है। इससे विकास प्राधिकरणों का झंझट भी कम हो जाएगा।
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करोड़ों रुपये जमा होता है लेबर सेस
कर्मकार बोर्ड के पास हर साल करोड़ों रुपये की रकम लेबर सेस के माध्यम से आते हैं। इस पैसे से जहां श्रमिकों की कल्याणकारी योजना चलाने में सहयोग मिलता है तो वहीं, बोर्ड को और आसानी होती है।