उत्तराखंड पुलिस लूट प्रकरणः जांच एसटीएफ को सौंपने की तैयारी, नहीं हुआ धनराशि का खुलासा
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आईजी की सरकारी गाड़ी में सवार पुलिसकर्मियों द्वारा प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार से नोटों से भरा बैग लूटने के मामले में पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। चूंकि, इसमें पुलिसकर्मी ही आरोपी हैं। लिहाजा किसी भी आरोप से बचने के लिए मामले की जांच पुलिस के बजाय किसी दूसरी एजेंसी को सौंपने की तैयारी है। आईजी गढ़वाल ने इसकी सिफारिश भी कर दी है।
सूत्रों का कहना है कि विवेचना एसटीएफ को सौंपी जा सकती है। उधर, पुलिस ने बृहस्पतिवार को डब्लूआईसी क्लब के सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) कब्जे में ले लिया। पुलिस ने वादी अनुरोध पंवार के बयान भी दर्ज किए, लेकिन उन्होंने लूटी गई कुल रकम का खुलासा नहीं किया।
अर्जुन पंवार ने सौंपा था रुपयों से भरा बैग
बता दें कि प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार चार अप्रैल की रात एक अन्य प्रापर्टी डीलर अनुपम शर्मा से व्यापार से संबंधित भुगतान लेने राजपुर रोड स्थित डब्लूआईसी क्लब गए थे। यहां क्लब के मैनेजर अर्जुन पंवार ने उन्हें नोटों से भरा बैग सौंपा था। अनुरोध बैग लेकर यहां से निकले तो रास्ते में आईजी की गाड़ी में सवार तीन पुलिसकर्मियों ने आचार संहिता के नाम पर नोटों से भरा बैग लूट लिया था।
अनुरोध पंवार की तहरीर पर डालनवाला पुलिस ने नौ अप्रैल की रात प्रापर्टी डीलर अनुपम शर्मा और तीन अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। प्राथमिक जांच के बाद आईजी के ड्राइवर हिमांशु उपाध्याय, दरोगा दिनेश नेगी और घुड़सवार पुलिस के कांस्टेबल मनोज अधिकारी को निलंबित कर दिया गया था। पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि दरोगा ने घटना के दौरान खुद को आईएएस अधिकारी बताया था।
डब्लूआईसी क्लब के सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर कब्जे में लिया
बृहस्पतिवार को डालनवाला कोतवाली के इंस्पेक्टर राजीव रौथाण ने डब्लूआईसी क्लब के सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने कंट्रोल रूम के फुटेज का भी अवलोकन किया। पुलिस को दर्ज कराए बयान में अनुरोध पंवार ने लूटी गई कुल रकम का खुलासा नहीं किया है। उनका कहना है कि अनुपम शर्मा से बात करने के बाद साफ हो पाएगा कि बैग में कितनी रकम थी।
पुलिसकर्मियों पर लगे लूटपाट के आरोप के मद्देनजर विवेचना पुलिस से हटाकर किसी और एजेंसी से कराने की संस्तुति की गई है। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार को रिपोर्ट भेज दी गई है।
- अजय रौतेला, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल
पुलिसकर्मियों की इस करतूत ने विभाग की छवि को बदरंग किया है। यह बेहद गंभीर मामला है। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि कोई दूसरा पुलिसकर्मी ऐसा करने का दुस्साहस न कर सके।
-अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था
पुलिसकर्मियों ने आधा सच स्वीकारा, लूट को नकारा
प्रापर्टी डीलर को लूटने के मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को अलग ही कहानी सुनाई है। उनका कहना है कि गाड़ी को ओवरटेक करने को लेकर प्रापर्टी डीलर से विवाद हो गया था, क्योंकि वह शराब के नशे में था। नोटों से भरा बैग लूटकर ले जाने के आरोप को उन्होंने सिरे से खारिज किया है। हालांकि, उन्होंने आरोपी प्रापर्टी डीलर अनुपम शर्मा से रिश्तों की बात को माना है। अधिकारियों की फटकार के बाद भी आरोपी पुलिसकर्मी इसी कहानी पर अडिग हैं।
पुलिस अधिकारी अनौपचारिक रूप से आरोपी पुलिसकर्मियों से कई दौर की बातचीत कर चुके हैं। लेकिन, अभी तक प्रापर्टी डीलर के आरोपों के अनुरूप आरोपियों ने कुछ भी स्वीकार नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया सरकारी संसाधनों का दुरुप्रयोग करने के आरोप में उन्हें निलंबित किया गया है।