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उत्तराखंड में खाद्य प्रसंस्करण नीति नहीं, कैसे हो निवेश, निवेशकों को नीति का इंतजार 

Tue, 16 Feb 2021 12:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 16 Feb 2021 12:49 PM IST
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uttarakhand news : No food processing policy in Uttarakhand
सुबोध उनियाल, कृषि एवं बागवानी मंत्री  - फोटो : फाइल फोटो

प्रदेश सरकार की ओर से किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि व बागवानी उत्पादों को मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने पर जोर है, लेकिन प्रदेश में अभी तक खाद्य प्रसंस्करण नीति नहीं बनी है। मेगा फूड पार्क के अंदर लगने वाले फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को सरकार की ओर बिजली बिल, स्टांप ड्यूटी और मंडी टैक्स में छूट दी गई है जबकि इससे बाहर प्रोसेसिंग उद्योग लगाने पर किसी तरह का वित्तीय प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है। 

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प्रदेश में उत्पादित फल, सब्जी, मसाला समेत अन्य कृषि उत्पादों को मूल्य संवर्धन कर किसानों को ज्यादा कीमत दिलाने पर सरकार का फोकस है। जिससे जल्द खराब होने वाले कृषि व बागवानी उत्पादों को प्रोसेसिंग कर बाजार में कीमत अधिक मिल सके और उत्पाद को खराब होने से बचाया जा सके।
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उत्तराखंड में फूड प्रोसेसिंग उद्योग लगाने में निवेशकों को रुचि है, लेकिन नीति न होने के कारण निवेशक भी उद्योग लगाने में तेजी नहीं दिखा रहे हैं। निवेशक फूड प्रोसेसिंग नीति का इंतजार कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि सरकार से फूड प्रोसेसिंग उद्योग लगाने के लिए मेगा फूड पार्क की तर्ज पर वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाए। 
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2025 तक 1591 सूक्ष्म खाद्य उद्यम लगाने का लक्ष्य 

आत्मनिर्भर भारत के तहत केंद्र की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) में उत्तराखंड में 2025 तक 1591 सूक्ष्म खाद्य उद्यम लगाने का लक्ष्य है। इसके साथ ही नौथा एग्रो कलस्टर में पांच फूड प्रोसेसिंग उद्योग लगाए जाने हैं। 

राज्य में 6.64 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन 

राज्य में सालाना 6.64 लाख मीट्रिक टन फलों का उत्पादन किया जाता है। जिसमें सेब, नाशपाती, आम, माल्टा व अन्य नींबू प्रजाति, आड़ू, पलम, खुमानी, लीची, अमरूद, अखरोट, आंवला समेत अन्य फल शामिल है। वहीं, 94 हजार मीट्रिक टन अदरक, हल्दी, लहसुन, मैथी, मिर्च, धनिया, बड़ी इलायची का उत्पादन किया जाता है। 

निवेशक सम्मेलन में मिले थे 7654 करोड़ के प्रस्ताव 

वर्ष 2018 में राज्य में आयोजित निवेशक सम्मेलन में फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, एरोमा क्षेत्र में 7654 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इन पर सरकार ने निवेशकों के साथ एमओयू किया था। 


प्रदेश में बागवानी व कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने के लिए फूड प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा देने का सरकार का प्रयास है। फूड प्रोसेसिंग नीति के प्रारूप का उच्च स्तर निरीक्षण किया जा रहा है। जल्द ही इस नीति का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। नई नीति में मेगा फूड पार्क की तर्ज पर प्रसंस्करण उद्योग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। 
- सुबोध उनियाल, कृषि एवं बागवानी मंत्री 

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