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उत्तराखंडः वनाग्नि का सिलसिला लगातार जारी, फायर सीजन में करीब 400 हेक्टेयर जंगल को नुकसान

Mon, 22 Feb 2021 09:25 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 22 Feb 2021 09:25 AM IST
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uttarakhand news : fire season starts, wildfire continues
जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

फायर सीजन शुरू होने के बाद जंगल की आग का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले छह दिन में ही प्रदेश में करीब 350 मामले सामने आए हैं और करीब 400 हेक्टेयर जंगल इससे प्रभावित हुआ है। इतना होने पर भी बड़ा मामले सामने नही आया है और अब बारिश का पूर्वानुमान भी वन महकमे को राहत दे रहा है। 

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प्रदेश में फायर सीजन 15 फरवरी से शुरू हुआ, लेकिन वन विभाग को इससे पहले ही जंगलों के सुलगने की समस्या का सामना करना पड़ा। सर्दियों में भी आग की घटनाए सामने आईं और वन विभाग को फायर सीजन में आग के मामले के बढ़ने का अंदेशा था। वन विभाग की इस चिंता को देखते हुए फायर सीजन शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वनाग्नि के नियंत्रण की तैयारी की समीक्षा भी की थी।
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अब पिछले छह दिनों का लेखा जोखा बता रहा है कि वन विभाग की चिंता अकारण नहीं थी। वन मुख्यालय में स्थापित मास्टर कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक करीब 350 मामले आग के सामने आ चुके हैं। इससे करीब 400 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है। इसमें आरक्षित वन के मामले भी शामिल हैं। 
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इतना होने पर भी वन विभाग थोड़ी राहत भी महसूस कर रहा है। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि और आपदा प्रबंधन मान सिंह के मुुताबिक वनाग्नि के बड़े मामले सामने नहीं आए हैं। करीब छह जार फायर वाचर और 1317 क्रू स्टेशन के जरिए जंगलों पर नजर रखी जा रही है। मास्टर कंट्रोल रूम में 24 घंटे की ड्यूटी है और सूचनाओं को तुंरत ही संबंधित वन प्रभाग तक पहुंचाया जा रहा है। 


मौसम के रुख में बदलाव से राहत की उम्मीद

वन अधिकारियों के मुताबिक उत्तराखंड में अब जल्द ही बारिश का अनुमान भी जताया जा रहा है और बारिश होती है तो आग की घटनाएं भी कम होंगी। इसके साथ ही लोगों को वनाग्नि के कारणों की जानकारी भी दी जा रही है। प्रदेश में प्राकृतिक रूप से जंगलों में आग लगने की घटनाएं नहीं होती। ऐसे में लोग जागरूक हुए तो वन विभाग का आधा काम आसान हो जाएगा।

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