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बड़ी खबर: माइनर रेप में फांसी की सजा का कानून बनाएगी उत्तराखंड सरकार

Fri, 13 Jul 2018 09:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 13 Jul 2018 09:26 AM IST
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Uttarakhand government will make law to be hanged in minor rape
trivendra singh rawat

उत्तराखंड में बच्चियों से रेप करने वालों को फांसी की सजा होगी। काशीपुर में भाजपा कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह ऐलान किया।

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उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं, खासकर बेटियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। सरकार राज्य इस संबंध में प्रवाधान करेगी। अगले विधानसभा सत्र में इसे पास किया जाएगा। इसके तहत नाबालिग बच्चियों से बलात्कार करने वाले आरोपियों को फांसी की सजा दी जाएगी।
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कठुआ गैंगरेप की घटना के बाद मोदी सरकार ने बीते अप्रैल माह में नाबालिग के साथ रेप में फांसी की सजा दिए जाने के लिए प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (पॉक्सो) एक्ट में संशोधन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत 12 साल तक की बच्ची से रेप के दोषियों को मौत की सजा देने का प्रावधान है। इस आधार पर मध्य प्रदेश, पंजाब इस संशोधन को मंजूरी दे चुके हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में इसे लेकर कवायद चल रही है।
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इधर बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने काशीपुर में यह प्रावधान राज्य में लागू किए जाने की बात कही। उन्होंने महिलाओं विशेषकर बेटियों की सुरक्षा को चिंता का विषय बताया। यह भी कहा कि इस संबंध में विधानसभा सत्र में विधेयक पास किया जाएगा। इसमें 12 साल या उससे कम उम्र की बेटियों के साथ दुराचार करने वाले आरोपियों को फांसी की सजा देने का प्रावधान किया जाएगा। कानूनी प्रावधान के साथ-साथ समाज में नैतिक आंदोलन भी राज्य भर में चलाया जाएग।

अभी यह है कानून

Uttarakhand government will make law to be hanged in minor rape
minor rape
पॉक्सो एक्ट के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार इस जघन्य अपराध के लिए अधिकतम सजा उम्रकैद है, जबकि न्यूनतम सजा सात साल की जेल है। दिसंबर-2012 के निर्भया मामले के बाद कानूनों में संशोधन किए गए थे। इसमें बलात्कार के बाद महिला की मृत्यु हो जाने या उसके मृतप्राय होने के मामले में एक अध्यादेश के माध्यम से मौत की सजा का प्रावधान शामिल किया गया जो बाद में आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम बन गया।

राहुल गांधी ने भी खींचा था ध्यान
नाबालिगों से बलात्कार की बढ़ती घटनाओं को लेकर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट करके देश का ध्यान इस ओर खींचा था। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा था कि सिर्फ 2016 में ही देश में नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार के 19,675 मामले सामने आए। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री को इन मामलों में तेजी से सुनवाई करके पीड़ितों को न्याय दिलाने का उपाय करना चाहिए।
 

पंजाब ने कड़े किए प्रावधान

Uttarakhand government will make law to be hanged in minor rape
law

पंजाब सरकार ने 12 वर्षों से कम आयु की बच्ची के साथ दुराचार पर मौत की सजा के अलावा यह क्रिमिनल लॉ (अमेडमेंट) आर्डिनेंस, 2018 आईपीसी में भी संशोधन किया है, जिससे तहत दुराचार के लिए कम से कम सजा सात साल से बढ़ाकर दस साल की गई है। 16 साल से कम आयु की लड़की के साथ दुराचार पर कम से कम सजा उम्र कैद निर्धारित की गई है, जोकि पहले 20 वर्ष बा-मशक्कत कैद थी।

इसके अलावा कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर में भी संशोधन किया गया, जिससे दुराचार के मामलों में जांच दो महीने में पूरी करनी होगी। दुराचार के मामलों पर सुनवाई दो महीनों में मुकम्मल करनी जरूरी होगी और अपीलों के निपटारे के लिए छह महीनों का समय तय किया गया है। 12 और 16 वर्ष से कम आयु की लड़कियों के साथ दुराचार या सामूहिक दुराचार के मामलों में नामजद अपराधियों के लिए अग्रिम जमानत संबंधी कानून में भी पंजाब सरकार ने संशोधन किया है।

तराई इलाकों के अलावा पर्वतीय जनपदों में भी बच्चियों के साथ बलात्कार के मामले सामने आ रहे हैं। राज्य सरकार इन्हें लेकर चिंतित है। ऐसे में सरकार बारह वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ होने वाली रेप की घटनाओं में फांसी की सजा मुकम्मल कराने के लिए प्रावधान करेगी। अगले विधानसभा सत्र में इस बाबत विधेयक पेश पास जाएगा।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)

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