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Uttarakhand Election Results: एक को छोड़कर सभी मंत्री जीते, नतीजों ने उड़ा दिया धामी का नूर
Fri, 11 Mar 2022 06:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 11 Mar 2022 06:36 AM IST
सार
मुख्यमंत्री धामी और कैबिनेट यतीश्वरानंद को हार का करना पड़ सामना।
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पुष्कर सिंह धामी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चुनाव हार गए जबकि मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद को छोड़कर उनकी कैबिनेट के सभी मंत्री चुनाव जीत गए हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे भी चुनाव जीत गए हैं। जिससे इस बार के चुनाव में शिक्षा मंत्री के चुनाव हारने का मिथक टूट गया है।
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सीएम धामी को कांग्रेस प्रत्याशी भुवन चंद्र कापड़ी ने हराया। भुवन चंद्र कापड़ी को 47626 वोट मिले। जबकि मुख्यमंत्री धामी को 40675 वोट मिले हैं। भुवन चंद्र कापड़ी ने 6951 वोट से पुष्कर सिंह धामी को हराया है। जबकि कैबिनेट मंत्रियों में मसूरी विधानसभा क्षेत्र से गणेश जोशी, सोमेश्वर से रेखा आर्य, चौबट्टाखाल से सतपाल महाराज चुनाव जीत गए। गदरपुर से अरविंद पांडे ने चुनाव जीतकर उस मिथक को तोड़ दिया कि जो भी शिक्षा मंत्री रहा हो वह चुनाव नहीं जीता।
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मंत्री ने इस सीट पर कांग्रेस के प्रेमानंद महाराज को हराया। नरेंद्र नगर से सुबोध उनियाल, श्रीनगर से धन सिंह रावत, डीडीहाट से बिशन सिंह चुफाल, कालाढूंगी से बंशीधर भगत चुनाव जीत गए हैं। जबकि हरिद्वार ग्रामीण से कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानंद को कांग्रेस की अनुपमा रावत ने हराया है।
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दिग्गजों की हार सबक से कम नहीं
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के नतीजे कई मायने में चौंकाने वाले हैं। दोनों प्रमुख दलों के मुख्यमंत्री की कुर्सी के प्रमुख दावेदारों की शिकस्त महज एक चुनावी हार नहीं है, बल्कि ये शीर्ष नेताओं के लिए भी एक सबक जैसी है। इन नतीजों ने इस भ्रम को चकनाचूर कर दिया है कि मौजूदा मुख्यमंत्री या इस कुर्सी के प्रमुख दावेदारों की वजह से दूसरे उम्मीदवारों को चुनाव में कोई बड़ा फायदा उठा मिल पाता है।
सत्ता पर काबिज बीजेपी के युवा मुख्यमंत्री पुष्पेंद्र सिंह धामी को हालांकि कुछ कर गुजरने और जनता का दिल जीतने के लिए बहुत कम वक्त मिला, लेकिन यह समय इतना कम भी नहीं रहा कि वे अपनी सीट को सुरक्षित बना पाते। धामी की हार प्रदेश में जनता के दुख दर्द कम करने और विश्वास जीतने में ढुलमुल रवैया अपनाने से जोड़कर देखी जा सकती है।