Uttarakhand Election 2022: फिल्मी गीतों की थीम पर हो रहा चुनाव प्रचार, पार्टी और प्रत्याशी लगा रहे पूरा जोर
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प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव में इन दिनों किशोर कुमार से लेकर अमित सागर तक के सुपरहिट गीतों के म्यूजिक का कमाल चल रहा है। ज्यादातर पार्टियों और प्रत्याशियों ने नए-पुराने सुपरहिट गीतों पर अपने प्रचार के थीम सांग तैयार कराए हैं। सुबह से शाम तक ऑटो पर लाउडस्पीकर लगाकर इन गीतों और नारों के जरिये प्रचार किया जा रहा है। लोगों को अलग-अलग पार्टियों के थीम सांग खूब पसंद आ रहे हैं।
चुनावों में नारों और गीतों का प्रयोग नया नहीं है। लगभग हर चुनाव में इनका खूब इस्तेमाल किया जाता है। पहले जब तक तकनीक इतनी ज्यादा प्रभावी नहीं थी, नारे और गीत ही प्रचार का मुख्य साधन होते थे। किसी वाहन पर लाउडस्पीकर लगाकर उसमें रिकॉर्डेड संदेश चला दिया जाता।
यह वाहन पूरे दिन विधानसभा क्षेत्र में इधर से ऊधर, एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले तक चलता रहता है। अभी भी कई लोग चुनाव प्रचार में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। ज्यादातर प्रत्याशियों ने गढ़वाली, जौनसारी, हिंदी गीत, नारे रिकॉर्ड करवाए हैं, जो लगातार चल रहे हैं। ज्यादातर लोगों को भी प्रचार का यह तरीका खूब भा रहा है। उनकी माने तो यह सीधे वोटरों के दिल में उतरने का तरीका है।
प्रचार में इन गीतों का हो रहा इस्तेमाल
विनोद चमोली ने क्षेत्र ‘कू विकास करी...’‘गोदावरी थापली आली त होलु मसूरी कु विकास...’, ‘गणेश जोशी हैट्रिक बणाणु कू तैयार...’‘काऊ ते जितोणा...’ , रायपुर क्षेत्र की पुकार, हीरा सिंह बिष्ट अबकी बार।
सभी राजनीतिक दलों के नारे
-अबकी बार-60 के पार ( भाजपा)
-लड़की हूं, लड़ सकती हूं (कांग्रेस)
-जब तक सूरज-चांद रहेगा, इंदिरा तेरा नाम रहेगा (कांग्रेस)
-कांग्रेस का हाथ, आम आदमी के साथ (कांग्रेस)
-कांग्रेस को लाना है, देश को बचाना है (कांग्रेस)
-ये तो केवल झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है (भाजपा)
-हर हर मोदी-घर-घर मोदी (भाजपा)
-आप का झाडू, आप का नारा (आप)
-इस बार चलेगी झाड़ू (आप)
अगर मेरी पसंद का कोई सुपरहिट गीत या नारा है, और उसके म्यूजिक पर प्रचार के लिए थीम
सांग बनाया गया है तो स्वाभाविक है कि वह मुझे भी पसंद आएगा। प्रचार के लिए हिंदी और गढ़वाली दोनों ही भाषाओं में गीत तैयार किए गए हैं। वाहनों पर रिकॉर्डेड ऑडियो भी दोनों भाषाओं में चल रहा है ताकि सभी वोटरों तक प्रत्याशी और पार्टी की बात आसानी से पहुंच जाए। वोटरों को प्रचार का यह तरीका पसंद भी आ रहा है।
संजीव वर्मा, चुनाव विशेषज्ञ
प्रचार में महसूस नहीं हो रही कपूर साहब की कमी
देहरादून। पिछले कई चुनावों में जीत हासिल कर प्रदेश की विधानसभा तक पहुंचने वाले हरबंस कपूर का चुनाव प्रबंधन भी बेहतरीन था। वह पूरे प्रचार की कमान खुद संभालते थे। उस वर्ष मैंने खुद ही प्रचार के लिए थीम सांग तैयार किया है। उन्होंने थीम सांग में कपूर साहब के वर्षों के कार्यकाल और भविष्य के विजन को शामिल किया है।
-अमित कपूर, भाजपा