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उत्तराखंड: मुख्य सचिव ने हरिद्वार और उत्तरकाशी में फ्लड प्लेन जोन से अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश
Mon, 14 Dec 2020 11:42 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 14 Dec 2020 11:42 PM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने हरिद्वार और उत्तरकाशी में गंगा नदी के फ्लड प्लेन जोन से अतिक्रमण हटाकर वहां तत्काल कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। वह सोमवार को सचिवालय में राज्य गंगा पुनर्जीवन, सुरक्षा और प्रबंधन समिति की बैठक कर रहे थे।
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मुख्य सचिव ने राज्य गंगा समिति से जुड़े विभागों, एजेंसियों व जिलाधिकारियों से चालू परियोजना कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने नमामि गंगे अभियान के तहत सीवरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, गंगा के कैचमेंट एरिया में पौधरोपण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, घाटों का सौंदर्यीकरण, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, जैव विविधता और जल संरक्षण से जुड़े सभी कार्यों के लक्ष्यों का स्पष्ट निर्धारण करने और निर्धारित समयसीमा में उचित गुणवत्ता बनाते हुए पूरा करने के निर्देश दिए।
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मुख्य सचिव ने देवप्रयाग, गंगोत्री और बद्रीनाथ में सेप्टेज मैनेजमेंट के तहत हाउस होल्ड कनेक्टिविटी के कार्यों को शहरी विकास विभाग और पेयजल निगम को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने फ्लड प्लेन जोनिंग में हुए किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को हटाने के संबंध में जिलाधिकारी हरिद्वार और उत्तरकाशी को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाते हुए इन क्षेत्रों में तत्काल कार्य प्रारंभ कराएं।
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उन्होंने निर्देश दिए कि वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के वर्षों के पौधरोपण की विस्तृत कार्ययोजना और प्रगति का विवरण तलब किया। उन्होंने गंगा से सटे कस्बों में ठोस एवं तरल वेस्ट मैनेजमेंट तथा अपशिष्ट के पुन: उपयोग से संबंधित कार्यों की तेजी से प्रगति बढ़ाने को कहा।
उन्होंने गंगा रेजुनेशन से जुड़े बहुत से कार्यों को मनरेगा की 50 प्रतिशत धनराशि से पूरा करने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि जो कार्य पूर्ण हो जाते हैं, उनका समय पर उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आनंद वर्धन, वित्त सचिव सौजन्या, परियोजना निदेशक नमामि गंगे उदयराज व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।