उत्तराखंडः 10वीं पास ‘डॉ. विश्वास’ चला रहा था क्लीनिक, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया सील
- स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापे मारकर रुद्रपुर में आठ सेंटरों पर की कार्रवाई
- सभी सेंटरों में अवैध गर्भपात कराए जाने का संदेह, गर्भपात के उपकरण और दवाएं मिलीं
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रुद्रपुर में भ्रूण हत्या और अवैध गर्भपात की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को क्षेत्र ताबड़तोड़ छापे मारे। प्रतिबंधित दवाओं और गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले उपकरण एवं डिलीवरी रूम मिलने पर अवैध रूप से चल रहे आठ नर्सिंग होम को सील किया गया।
हद तो यह रही कि आदर्श नगर में टीम को डॉ. विश्वास नामक 10वीं पास व्यक्ति अवैध रूप से क्लीनिक चलाता मिला। संचालकों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई हो सकती है। एसीएमओ डॉ. ऊषा जंगपांगी, प्रशिक्षु आईएएस विशाल मिश्रा और जिला समन्वयक पीसीपीएनडीटी प्रदीप महर ने मंगलवार शाम को पुराने जिला अस्पताल परिसर स्थित एक सेवानिवृत्त एएनएम शीला के आवास पर छापा मारा।
महिला के सेंटर पर भी छापा मारा
आवास में डिलीवरी रूम, गर्भपात के औजार एवं दवाएं मिलीं। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कक्ष को सील कर दिया। हालांकि सेवानिवृत्त एएनएम का कहना था कि वह घर पर गर्भवती महिलाओं का प्राथमिक इलाज करती थी।
इसके बाद टीम ने वार्ड नंबर छह निवासी ललिता और रहमत जहां नामक महिलाओं के यहां और आदर्श कॉलोनी स्थित मनजीत नामक महिला के सेंटर पर छापा मारा। इन सभी जगहों पर गर्भपात के उपकरण और दवाएं मिलने पर सभी सेंटरों को सील कर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक अभियान शुरू किया
टीम ने ट्रांजिट कैंप स्थित सुशीला जच्चा बच्चा केंद्र, ममता क्लीनिक और कमलेश नामक महिला के सेंटर को भी गर्भपात करने के औजार और दवाएं मिलने पर सील किया है। आखिर में टीम ने आदर्श नगर में छापा मारा। यहां डॉ. विश्वास नामक 10वीं पास व्यक्ति अवैध रूप से क्लीनिक चलाता मिला।
क्लीनिक में गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले औजार और दवाएं भी मिलीं, जिस पर केंद्र को सील कर दिया गया। एसीएमओ डॉ. जंगपांगी और जिला समन्वयक पीसीपीएनडी प्रदीप महर ने बताया कि जिले में अवैध रूप से गर्भपात और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक अभियान शुरू किया है। सील किए गए आठों केंद्रों के संचालकों के खिलाफ जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।