विभाग ने बदले समाज कल्याण की योजनाओं में आय के मानक, अब इन लोगों को भी मिलेगा फायदा
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समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के लिए अब मानकों में बदलाव किया गया है। प्रदेश के जिन लोगों की सालाना आय 48 हजार रुपये होगी, उन सभी को समाज कल्याण की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। विभाग ने सभी योजनाओं के लिए एक समान आय सीमा तय की है।
वर्तमान में विभाग द्वारा संचालित हो रहीं कई योजनाओं की सालाना आय 48 हजार रुपये से कम है। आय सीमा में इजाफा होने से विभागीय योजना का और अधिक जरूरतमंदों को लाभ मिल सकेगा।
मिसाल के तौर पर विभाग में परित्यक्ता महिलाओं की पेंशन योजना की सालाना आय 15 हजार रुपये है। ये सीमा 48 हजार तक बढ़ने पर लाभार्थियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो जाएगी।समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बृहस्पतिवार को विधानसभा स्थित सभागार में हुई बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए आईएएस, पीसीएस, इंजीनियरिंग व मेडिकल के साथ राज्य स्तर पर होने वाली सभी तरह की प्रतियोगिता परीक्षाओं की भी कोचिंग की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने 15 मार्च तक कोचिंग केंद्रों का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्रवृत्ति योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का सत्यापन 20 फरवरी तक पूरा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2017-18 की अवशेष छात्रवृत्ति एक सप्ताह के भीतर वितरित करने को कहा है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह, अपर सचिव राम विलास यादव, निदेशक समाज कल्याण विनोद गोस्वामी, संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल एवं अनुराग शंखधर उपस्थित थे।