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दहेज के लिए पति ने किया ऐसा काम, तंग आकर पत्नी ने उठाया खौफनाक कदम

Mon, 24 Jul 2017 11:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Mon, 24 Jul 2017 11:23 PM IST
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seven years Imprisonment for Provoke for suicide to his wife

दहेज के लिए एक पत‌ि इतना हैवान बन गया क‌ि पत्नी रोज-रोज की यातनाएं सहन नहीं कर पाई। एक द‌िन पत्नी ने आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा ल‌िया।  

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दहेज की मांग के लिए आए दिन मारपीट और प्रताड़ित कर पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में सेशन जज हरीश कुमार गोयल की अदालत ने पति को दोषी मानते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को अलग-अलग धराओं कारावास के साथ अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई है।
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अदालत के अनुसार सभी सजाएं एक साथ चलेगी। सोमवार को अदालत में सरकारी अधिवक्ता केपी खन्ना की पैरवी पर सेशन जज ने बलवीर लाल पुत्र मूसा लाल, निवासी कंडारा, पटवारी क्षेत्र भटवाड़ी-सुनार (ऊखीमठ) को अपनी पत्नी कुशला देवी पुत्री शिव लाल, निवासी लमगौंडी को दहेज के लिए प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का दोषी पाया।
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कहा कि विवाह जैसे पवित्र संबंध में दहेज के नाम पर कलंकित करना मानवता को शर्मसार करना है, जो माफी लायक नहीं है। सेशन जज ने बलवीर लाल को दोषी मानते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (बी) के तहत दोषी मानते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 

घर से पैसे न लाने पर करता था मारपीट

seven years Imprisonment for Provoke for suicide to his wife

साथ ही धारा 306 में 5 वर्ष की जेल और 3 हजार रुपये अर्थदंड और धारा 498(ए) में 3 वर्ष का कारावास और 2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में सजा क्रमश: 3 और 6 माह और बढ़ जाएगी। ये सभी सजाएं एक साथ चलेगी।

अधिवक्ता खन्ना ने बताया कि बलवीर लाल और कुशला देवी का विवाह पांच वर्ष पूर्व हुआ था। लेकिन शादी के कुछ दिन बाद से ही बलवीर लाल अपनी पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा, जो बाद में मारपीट में बदल गई।

बलबीर लाल बीच-बीच में प्राइवेट नौकरी के चलते बाहर भी रहता था। लेकिन घर लौटने पर वह अक्सर अपनी पत्नी से मारपीट करता। दोनों की एक पुत्री भी है। 18 जुलाई 2014 को बलवीर लैंसीडाउन से अपने घर कंडारा लौटा। इस दिन भी उसने अपनी पत्नी के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, जिस कारण कुशला देवी ससुराल से भागकर चंद्रापुरी बाजार तक आई।

​बलवीर ने उसका पीछा किया और उसे घर वापस ले गया। लेकिन फिर उससे मारपीट की। इसी रात को पीड़िता ने घर के एक कमरे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। 20 जुलाई को राजस्व पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के पिता शिव लाल की तहरीर ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा की गई, जिसमें मृतका का पति दोषी पाया गया।

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