बैंक अकाउंट में इन बातों का रखें ध्यान वरना कटेगा पैसा
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बैंकों से ग्राहकों की शिकायत रहती है कि उनका खाता बिना कोई सर्विस एक्टीवेट किए ‘माइनस’ में चला गया। इस संबंध में अक्सर बैंकों में विवाद होता रहता है।
दरअसल, बैंक में खाता खुलवाते वक्त ग्राहकों को पूरी जानकारी नहीं दी जाती। जब खाते को खाली रखने के बाद खाताधारक उसमें कुछ रुपये डालता है तो उसके पांच सौ से हजार रुपये कम हो जाते हैं।
ऐसे में खाताधारक और बैंक के बीच विवाद की स्थिति बनती है। ऐसी स्थिति मार्च और अप्रैल के दौरान सबसे ज्यादा आती है। इन महीनों में कर्मचारी लक्ष्य पूरा करने के लिए आनन-फानन में बचत खाते खुलवा देते हैं।
खातों के संबंध में हर बैंक की अपनी नीति होती है। स्टेट बैंक आफ इंडिया को छोड़कर ज्यादातर सरकारी एवं गैर सरकारी बैंकों में नीति है कि बचत खाते में न्यूनतम राशि एक से दस हजार तक रखनी होती है। न्यूनतम बैलेंस राशि नहीं रखने पर दंड स्वरूप बैंक खाते से कुछ पैसे काट लेता है।
खाते में रुपया न हुआ तो भी जुर्माना
न्यूनतम बैलेंस राशि नहीं रखने पर दंड स्वरूप बैंक खाते से कुछ पैसे काट लेता है। बैंक खाते में रुपया नहीं भी हो तो भी जुर्माना लग जाता है। ये जुर्माना उसी खाते में लगता है और बैलेंस ‘जीरो’ होने पर भी राशि‘माइनस’ में चली जाती है। हर बैंक में ये जुर्माना अलग अलग वसूला जा रहा है।
सरकारी व गैर सरकारी बैंकों में ये जुर्माना ढाई सौ रुपये से एक हजार रुपये तक प्रति माह वसूला जा रहा है। जो हजार रुपये तक पहुंच जाता है। बैंक अधिकारियों के अनुसार, खाता खुलाते वक्त बैंक कर्मचारियों से इस संबंध में विस्तार से पूछ लेना चाहिए।
एसबीआई आफीसर्स एसोसिएशन के संयोजक जगमोहन मेंदीरता ने बताया कि बैंकों में खाता खोलने से पहले सारी जानकारी दी जाती है। इसलिए कोई भी खाता खोलने से पहले उसके नियम कानून पढ़कर ही रुपये जमा करें।
पढ़िए, रिजर्व बैंक की नई गाइडलाइन
रिजर्व बैंक आफ इंडिया की सरकारी बैंकों के लिए नई गाइड लाइन आई है। अब बैंक अपनी मर्जी से न्यूनतम राशि न रखने पर जुर्माना नहीं वसूल सकेंगे। कितना वसूलना है, ये आरबीआई ने तय कर दिया है।
सभी सरकारी व अर्द्ध सरकारी बैंक न्यूनतम मासिक राशि के हिसाब से जुर्माना वसूलेंगे। केनरा बैंक के मसूरी शाखा प्रबंधक अनूप पठोई ने बताया आरबीआई की नई गाइड लाइन के मुताबिक अब तीन हिस्सों में जुर्माना तय किया गया है। ये इस तरह है-
खातों में अगर इतना रुपया हो तो
999 से 700 रुपये तक - 20 रुपये के साथ सर्विस टैक्स प्रतिमाह
699 से 400 रुपये तक - 30 रुपये के साथ सर्विस टैक्स प्रतिमाह
399 से कम राशि पर - 40 रुपये के साथ सर्विस टैक्स
शहर और गांव के लिए अलग पॉलिसी
आरबीआई ने बचत खातों में न्यूनतम राशि के लिए अलग मानक तय किए हैं। शहरी व छोटे कस्बों में स्थित सरकारी बैंकों में खाताधारक को मासिक औसतन बचत एक हजार रुपये रखने अनिवार्य हैं। गांव में ये पांच सौ रुपये तय किया गया है।