जगदंबा महायज्ञ में भजन-कीर्तन के समय 74 साल की रूसी महिला की मौत, लोग मान रहे मां का अशीर्वाद
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चिलियानौला स्थित हैड़ाखान आश्रम में जगदंबा महायज्ञ में भाग लेने पहुंची रूस की श्रद्धालु तमारा (74 वर्ष) की भजन-कीर्तन करते हुए ही मौत हो गई। 20-25 सालों से लगातार यहां आ रही तमारा बुधवार की रात भजन-कीर्तनों पर झूमते वक्त अचानक गिर पड़ीं।
उसको राजकीय अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रशासन ने रूसी दूतावास को सूचना दे दी है। पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल प्रशासन को अब दूतावास के प्रपत्रों का इंतजार है। वहीं लोग इसे मां का आशीर्वाद मान रहे हैं। उनका कहना है कि नवरात्रों में मां का गुणगान करते हुए मौत होने पर मां ने उन्हें मोक्ष प्रदान किया है।
इन दिनों हैड़ाखान आश्रम में विश्व शांति के लिए जगदंबा महायज्ञ चल रहा है। तमाम विदेशी भक्तों के साथ तमारा (हिंदी नाम रामप्यारी) भी कुछ दिन पहले यहां आई। बुधवार की रात दूसरे श्रद्धालुओं के साथ तमारा भी भजन-कीर्तनों पर झूम रही थी। इसी दौरान अचानक वह गिर गई, उसका सिर पीछे की तरफ से बाबा की गद्दी के नीचे टकरा गया और वह बेसुध हो गई।
कूट-कूट कर भरा था सेवाभाव
लोग उसे अस्पताल ले गए लेकिन वह रास्ते में ही दम तोड़ चुकी थी। अस्पताल के अधीक्षक डा. डीएस नेई ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए पुलिस से अभी तक कोई आदेश नहीं आए हैं। कोतवाल एससी जोशी ने बताया कि सूचना दूतावास को भेज दी गई है। दूतावास से सूचना मिलने के बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई होगी। हालांकि हृदय घात से मौत की आशंका जताई जा रही है।
तमारा में सेवाभाव का जज्बा कूट-कूट कर भरा था। दंत रोग विशेषज्ञ तमारा नवरात्रियों में यहां पहुंचती तो दांत दर्द के रोगियों का उपचार करती थीं। हैड़ाखंडी समाज के प्रशासनिक सलाहकार बीएस राणा ने बताया कि वह लंबे समय से यहां आ रही थीं, इस बार जब वह यहां पहुंची तो उसने बताया कि वह बीमार है और दवाइयां चल रही हैं। इस बार के नवरात्र में बाबा का बुलावा आ जाता तो अच्छा होता। बुधवार की रात तमारा की सचमुच मौत हो गई।