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डिजिटल उत्तराखंड की राह में केंद्र बन रहा रोड़ा
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 05 Jul 2015 11:35 AM IST
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केंद्र ने डिजिटल इंडिया की मुहिम लांच कर गांवों को ब्रांडबैंड से जोड़ने राष्ट्र व्यापी अभियान तो शुरू कर दिया, लेकिन उत्तराखंड के डिजिटलाइजेशन की राह में रोड़े डाल दिए हैं।
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भारत नेट के तहत पंचायतें तो ब्राडबैंड से जोड़े जाने की तैयारी चल रही है, लेकिन उसमें ई गवर्नेंस की सेवाएं देने के लिए राज्यों की योजनाएं रोक दी गई हैं। केंद्र से आईटी के मद में कोई वित्तीय सहायता नहीं होने से डिजिटलाइजेशन के करोड़ों की योजनाएं अधर में लटक गई हैं।
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केंद्र के डिजिटलाइजेशन प्रोग्राम का आधार राज्य सरकार का आईटी ढांचा है, जिससे नागरिक सेवाओं को आनलाइन बनाने की योजनाओं का संचालन होना है। नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (एनओएफएन) के तहत केंद्र राज्य में 1723 पंचायतों को ब्राडबैंड से जोड़ने के लिए आप्टिकल केबल डाल रहा है।
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इसका मकसद पंचायतों तक ई गवर्नेंस का लाभ पहुंचाना हैं। पंचायतें तो सीधे जिला मुख्यालयों से जुड़ जाएंगी, लेकिन अब प्रदेश सरकार के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है कि ई गवर्नेंस के मौजूदा कार्यक्रमों को कैसे चलाया जाए। केंद्र ने 1 जुलाई से डिजिटल वीक शुरू कर अपनी मुहिम तो तेज कर दी, लेकिन राज्यों की दिक्कतें बढ़ा दी।
ई गवर्नेंस की योजनाओं के क्रियान्वयन में पिछड़े राज्यों के लिए अब अपने स्तर से आईटी का बजट सृजित करना होगा। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव दीपक कुमार ने बताया कि केंद्र से ई गवर्नेंस की योजनाओं में मदद से इंकार नहीं मिलने से योजनाएं प्रभावित होंगी। इसका सीधा असर राज्य के डिजिटलाइजेशन प्रोग्राम पर पड़ेगा। जो योजनाएं अंतिम चरण में हैं उनके लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव देंगे।
लटक गई आईटी की योजनाएं
प्रदेश में डिजिटलाइजेशन का आधार तीन मुख्य योजनाएं हैं जिसमें स्टेट का अपना डाटा सेंटर, स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) और ई डिस्ट्रक्ट प्रोग्राम है। यह तीनों योजनाएं अंतिम चरण में हैं और इसके लिए राज्य को 106 करोड़ रुपए का आवश्यकता है।
केंद्र ने राज्य को साफ कर दिया है कि वह इस मद में कोई धनराशि जारी नहीं करेगा। राज्य सरकार को अपने संसाधनों से इसे विकसित करना होगा। स्वान योजना के तहत विभागों की कनेक्टिविटी के लिए 28 करोड़, स्टेट डाटा सेंटर के लिए 12 करोड़ और ई डिस्ट्रक्ट योजना के लिए अवशेष 24 करोड़ केंद्र से नहीं मिलेंगे।