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पिथौरागढ़: देवलथल के हराली गांव में तेंदुए ने महिला को मार डाला, दो महीने के अंदर क्षेत्र में तीसरी मौत
Tue, 26 Jan 2021 12:04 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 26 Jan 2021 12:04 AM IST
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तेंदुआ
- फोटो : सोशल मीडिया
पिथौरागढ़ के देवलथल तहसील के हराली गांव में तेंदुए ने महिला पर हमला कर उसे मार डाला। तेंदुए के हमले में मौत का यह तीसरा मामला है। इससे पूर्व तेंदुआ मोड़ी और रिण में दो महिलाओं का शिकार कर चुका है। घटना के जहां लोग दहशत में हैं, वहीं वन विभाग के खिलाफ आक्रोश भी है।
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आंबेडकर गांव हराली के तोक आगर निवासी शंकर राम की पत्नी खीमा देवी (40) सोमवार को अन्य महिलाओं के साथ पास के जंगल में घास काटने गई थी। इस दौरान घात लगाए तेंदुए ने खीमा पर अचानक हमला कर उसका गला दबोच लिया। साथी महिलाओं के शोर मचाने के बाद भी आदमखोर ने खीमा को नहीं छोड़ा।
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कुछ देर बाद तेंदुआ उसे छोड़कर जंगल की ओर चला गया। महिलाएं मौके पर पहुंचीं तो खीमा की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर ग्रामीण, वन विभाग, पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। महिला पर हमला करने से पहले तेंदुए ने पास में ही घास चर रही एक बकरी को भी मारा।
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महिला की मौत के बाद बच्चे हुए अनाथ
तेंदुए के हमले में मारी गई हराली गांव के तोक आगर की खीमा देवी की मौत के बाद उसके चार बच्चे अनाथ हो गए हैं। महिला का पति कई साल से लापता है। खीमा देवी बकरी पालकर और घास बेचकर बच्चे पालती थी। अब उसकी मौत से बच्चों का एकमात्र सहारा भी छिन गया है। ग्राम प्रधान दिनेश चंद्र ने बताया कि खीमा की बड़ी बेटी डिग्री कॉलेज में पढ़ती है जबकि एक इंटर में है। दो छोटे बेटे हैं। मां की मौत से परिवार का चूल्हा जलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा दिलाने की मांग की है।
वन विभाग ने नहीं लिया सबक
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में तेंदुए के हमले की पूर्व की घटनाओं से वन विभाग ने कोई सबक नहीं लिया। अगर 17 दिसंबर को महिला की मौत के बाद वन विभाग हरकत में आया होता तो 19 दिसंबर को तेंदुआ रिण के टूपा गांव में महिला को नहीं मार पाता। इसके बाद भी तेंदुआ लगातार हमले करता रहा। दो दिन पूर्व ही नैनीताल से शिकारी तेंदुए के मारने पहुंचे हैं और इसी दौरान तेंदुए ने तीसरी महिला को मौत के घाट उतार दिया। कहा कि इस मामले में शीघ्र ही डीएफओ से भेंट की जाएगी।
क्षेत्र में शिकारी भी कर रहा गश्त
दिसंबर में दो महिलाओं की मौत के बाद तेंदुए को आदमखोर घोषित किया गया था। दो दिन पूर्व नैनीताल से शिकारी हरीश धामी ने यहां आकर मोर्चा संभाल लिया था। शिकारी के तैनात होने के बावजूद तेंदुआ एक और महिला को अपना निवाला बना गया।
क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए को मारने के लिए शिकारी तैनात है। रेंज में आते ही तेंदुए को मार दिया जाएगा। पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा शीघ्र देने की कार्यवाही की जाएगी।
- विनय भार्गव, डीएफओ, पिथौरागढ़।