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उत्तराखंडः तीन माह में 133 गांवों में एक भी बेटी का जन्म न होने पर सीएम ने बैठाई जांच
Sat, 20 Jul 2019 03:13 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 20 Jul 2019 03:13 PM IST
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तरकाशी जिले के 133 गांवों में पिछले तीन माह के दौरान 216 प्रसव होने के बावजूद एक भी बिटिया का जन्म नहीं होने के मामले में ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर पर जांच का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने माना है कि आंकड़े निश्चित तौर पर चौंकाने वाले हैं। उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को पूरे मामले की पड़ताल कर स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।
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‘अमर उजाला’ ने शुक्रवार के अंक में पहले पेज पर ‘133 गांवों में जन्मे 216 बच्चे, बिटिया एक भी नहीं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। सरकारी आंकड़ों में इस स्थिति का खुलासा हुआ था कि पिछले तीन माह में जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में हुए 216 प्रसव में केवल बेटों का जन्म हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के हर गांव में होने वाले संस्थागत एवं घरेलू प्रसव का ब्योरा तैयार किया है।
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सरकारी रिपोर्ट में लिंगानुपात की इस स्थिति का खुलासा होने पर जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है और पड़ताल शुरू कर दी है। ये स्थिति तब है जब केंद्र व प्रदेश सरकार कन्या भ्रूण हत्या निषेध को लेकर जागरुकता अभियान चला रही है। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से लिंगानुपात में और सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही थी।
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उत्तरकाशी जिले के 133 गांवों में पिछले 3 माह में जन्में 216 बच्चों में एक भी लड़की न होने की वस्तुस्थिति का पता लगाने के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया है। निश्चित तौर पर ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं। यह हमारे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के लिए भी चिंताजनक है।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री उत्तराखंड