भाजपा ने कई बागियों को दिखाया बाहर का रास्ता, वहीं कांग्रेस के 18 बागी उम्मीदवार पार्टी से बाहर
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भाजपा ने निकाय चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे दो और कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के निर्देश पर देहरादून नगर निगम के वार्ड 15 में उपेंद्र रेगमी और अभिषेक बोरा (रिंकू) को पार्टी की प्राथमिकता सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। यह जानकारी प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने दी। निकाय चुनाव में पार्टी अब तक 62 बागियों को निष्कासित कर चुकी है।
गरीब बस्ती मोर्चा संयोजक दिलीप समेत 32 भाजपा नेता पार्टी से निष्कासित
रुद्रपु में नगर निगम के चुनाव में भाजपा के अधिकृत पार्षद प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वालों के खिलाफ आखिरकार कार्रवाई हो गई। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की संस्तुति पर दिलीप अधिकारी समेत 32 भाजपा नेताओं को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। निष्कासित होने वाले विधायक राजकुमार ठुकराल के मीडिया प्रभारी आशीष छाबड़ा भी शामिल हैं। एक निष्कासित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार भुसरी पूर्व में ही कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।
दरअसल बागी नेता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के लिए सिरदर्द बने हुए थे। पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त नेताओं के निष्कासन के लिए जिलाध्यक्ष शिव अरोरा की ओर से गठित कमेटी में विधायक राजकुमार ठुकराल, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश परिहार और पूर्व जिलाध्यक्ष उत्तम दत्ता शामिल थे। कमेटी की सहमति पर जिलाध्यक्ष शिव अरोरा ने प्रदेश अध्यक्ष की संस्तुति पर कार्रवाई की। निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे से नाराज होकर गरीब बस्ती आजाद मोर्चा बनाकर अपने पार्षद प्रत्याशी खड़े करने वाले दिलीप अधिकारी समेत 32 नेताओं को शनिवार को भाजपा संगठन ने पार्टी से निष्कासित कर दिया। निकाय चुनाव से पहले भाजपा प्रदेश संगठन की ओर से पार्टी विरोधी गतिविधियों लिप्त नेताओं के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई की गई है। हालांकि बागियों को पार्टी से बाहर करने से पहले मनाने की कोशिश भी की गई थी। कुछ नेताओं को पार्टी ने मना भी लिया था लेकिन गरीब बस्ती आजाद मोर्चा के संयोजक दिलीप अधिकारी और अन्य प्रत्याशियों को मनाने में पार्टी कामयाब नहीं हो सकी थी। दिलीप भी विधायक के नजदीकियों में शुमार थे।
इन्हें किया गया निष्कासित
निष्कासित नेता वार्ड प्रत्याशी
आशीष छाबड़ा - वार्ड एक
महेंद्र पाल मौर्या - वार्ड दो
मनोज दास - वार्ड तीन
पूरन पांडेय, स्वाति शर्मा - वार्ड छह
गिरधारी लाल गंगवार - वार्ड सात
विनेश कुमार, मोतीराम राठौर, गीता गुप्ता - वार्ड आठ
मलकीत कौर, शिव कुमार शिब्बू - वार्ड नौ
मुकेश रस्तोगी, शंकर सरकार- वार्ड 10
सरिता श्रीवास्तव, रोशनलाल, अनीता आर्य, धर्मेंद्र आर्या - वार्ड 12
जितेंद्र यादव - वार्ड 14
हरीश मिश्रा - वार्ड 16
सचिन गंगवार, मनीष सोनी - वार्ड 21
भाग्यश्री - वार्ड 23
विक्रय रावत, रविंद्र धामी -वार्ड 33
राजकुमार भुसरी -वार्ड 34
प्रभा देवी -वार्ड 35
विरेंद्र आर्या, महेंद्र आर्या -वार्ड 36
शकुंतला कालड़ा, कपिल कालड़ा -वार्ड 38
सुरेंद्र सिंह सरजू - वार्ड 39
अनुशासनात्मक कार्रवाई की जद में अब तक 56
नगर निकाय चुनाव में बागी बतौर मैदान में उतरे उम्मीदवारों पर कांग्रेस की कार्रवाई जारी है। शनिवार को पार्टी ने 18 और बागी उम्मीदवारों को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। इससे पहले, कांग्रेस 38 बागी उम्मीदवारों पर कार्रवाई कर चुकी है।
कांग्रेस अभी तक 56 बागी उम्मीदवारों को पार्टी से बाहर कर चुकी है। कुछ और बागी उम्मीदवार पार्टी के अब भी निशाने पर हैं। उन पर जल्द ही कार्रवाई संभव है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि जिला कांग्रेस कमेटियों से मिली शिकायत को बागियों पर कार्रवाई का आधार बनाया गया है। धस्माना ने बताया कि कई अन्य लोगों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक उत्तर न मिला, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक अनुशासित पार्टी है। अनुशासनहीनता के मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
ये बागी हुए निष्कासित
देहरादून के यमुना कॉलोनी वार्ड 33 से अरुण उनियाल, अनूप पासी, मुकेश पासी गोलू, कौलागढ़ वार्ड 31 से राजेंद्र धवन, संजय थापा, यशपाल धवन, सागर गुरुंग, पश्चिमी पटेलनगर वार्ड 44 से आशीष ग्रोवर, प्रीति ग्रोवर, नगर पालिका परिषद शिवालिक नगर से किरण सिंह, एमडी शर्मा, राजेंद्र भंवर, पुनीत सलोनिया, दिग्विजय सिंह, रवि चौधरी, कुलवंत चड्ढा, नगर पालिका परिषद डीडीहाट से पुष्पा देउपा, नगर पंचायत केलाखेडा से हामिद अली।
पूर्व विधायक सरबत करीम अंसारी बसपा से निष्कासित
पूर्व विधायक सरबत करीम अंसारी को बसपा से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी ने अंसारी के पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के चलते यह कार्रवाई की है। अंसारी मंगलौर नगर पालिका निकाय चुनाव में अपने समर्थक के लिए टिकट मांग रहे थे।
सरबत करीम अंसारी वर्ष 2012 में बसपा के टिकट पर मंगलौर विधानसभा से चुनाव मैदान में उतरे और जीत हासिल की थी। वर्ष 2017 में भी वह पार्टी के सिंबल पर मैदान में उतरे थे, लेकिन इस चुनाव में कांग्रेस के काजी निजामुद्दीन ने अंसारी को पटकनी दी थी। इसके बाद से सरबत करीम अंसारी बसपा में थे। इस बार निकाय चुनाव के लिए पूर्व विधायक सरबत करीम अंसारी मंगलौर से अपने समर्थक के लिए पार्टी से टिकट मांग रहे थे, लेकिन यहां बसपा ने किसी और को टिकट दे दिया। इससे नाराज पूर्व विधायक ने अपने समर्थक दिलशाद को निर्दलीय मैदान में उतारा है। पूर्व विधायक अंसारी बाकायदा दिलशाद का नामांकन दाखिल कराने भी तहसील पहुंचे थे। पूर्व विधायक के बगावती तेवरों पर पार्टी के पदाधिकारी पल-पल निगाह रख रहे थे। इसके चलते अब अंसारी को बसपा से निष्कासित कर दिया गया है।
पूर्व विधायक सरबत करीम अंसारी को पार्टी से निष्कासित किया गया है। यह कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते की गई है।
- कुलदीप बालियान, प्रदेश अध्यक्ष, बसपा
मुझे पार्टी की कार्रवाई के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैंने तो अपने आप को नामांकन जमा कराते समय ही निष्कासित मान लिया था। पार्टी जो करती है, वह सही करती है।
- सरबत करीम अंसारी, पूर्व विधायक