स्वतंत्रता दिवस के दिन संन्यास की घोषणा करने वाले इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जिंदगी में देहरादून कई मायने में खास है। आमतौर पर देहरादून से धोनी का कनेक्शन उनके ससुराल या जन्म के रूप में ही देखा जाता है, मगर कम लोग ही जानते हैं कि धोनी के क्रिकेट करियर में भी देहरादून का खास रोल रहा है। जी हां, वर्ष 2004 में देहरादून में हुए गोल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद धोनी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका मिला।
2 of 5
2004 में गोल्ड कप के दौरान धोनी
- फोटो : अमर उजाला
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के पूर्व सचिव पीसी वर्मा के अनुसार, वर्ष 2004 में देहरादून में हुए गोल्ड कप में कई राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया था। इनमें महेंद्र सिंह धोनी झारखंड टीम से खेले थे। धोनी ने लगातार अर्धशतकीय पारी खेलते हुए टीम को लीग मैच में जीत दिलाकर फाइनल में पहुंचाया। फाइनल में धोनी ने शतकीय पारी खेलकर टीम को खिताब जिताया था। वर्मा ने कहा कि इसी टूर्नामेंट के बाद धोनी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने का मौका मिला। जानकार मानते हैं कि गोल्ड कप में धोनी के शानदार प्रदर्शन के कारण ही उन्हें मौका दिया गया।
3 of 5
एमएस धोनी
- फोटो : सोशल मीडिया
पीसी वर्मा बताते हैं कि उन दिनों धोनी क्रिकेट की दुनिया में नया नाम थे, लेकिन धोनी के लंबे-लंबे छक्के देखकर दूनवासी हैरान रह गए थे। कई छक्के तो बीएसएनएल टावर की ऊंचाई तक लगे थे और बॉल सड़क तक पहुंच गई थी। यहीं से धोनी के हेलीकॉप्टर शॉट को पहचान मिलनी शुरू हुई।
4 of 5
महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : सोशल मीडिया
गोल्ड कप टूर्नामेंट के बाद क्रिकेट में पहचान मिली तो कुछ साल बाद देहरादून धोनी के दिल के और करीब आ गया। देहरादून की साक्षी पर धोनी का दिल आ गया और उन्होंने साक्षी को जीवनसाथी बनाने का फैसला किया। साक्षी के स्कूल क्रिकेट कोच रहे नरेंद्र शाह ने कहा कि साक्षी भी क्रिकेट की शौकीन हैं। कहा कि एमएस धोनी के सन्यास लेने से भारतीय टीम को बड़ी कमी महसूस होगी।
धोनी को मसूरी की वादियां बेहद पसंद हैं। नए साल पर धोनी परिवार के साथ मसूरी घूमने जरूर आते हैं। जनवरी 2020 में धोनी और साक्षी ने मसूरी में काफी समय बिताया था। साक्षी ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी साझा किए थे।