देहरादून: करोड़ों के भूमि विवाद में मेयर चमोली से धक्कामुक्की, पीएसी और पुलिस बल तैनात
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कोतवाली से सटी करोड़ों रुपये की भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। नगर निगम प्रशासन का दावा है कि भूमि निगम की संपत्ति है। वहीं, दूसरे पक्ष के ताहिर अतहर का दावा है उक्त भूमि पर उनका मालिकाना हक है।
भूमि का मामला न्यायालय में चल रहा था। ताहिर अतहर और पैरोकारी करने वाले अधिवक्ता पिछले दिनों सिटी मजिस्ट्रेट से मिले। उनका कहना है कि भूमि पर अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन से उनके पक्ष में फैसला हुआ है।
सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस की मौजूदगी में ताहिर अतहर पक्ष ने उक्त भूमि की आठ दिसंबर को चारदीवारी कर दी। इसकी भनक लगने पर नगर निगम प्रशासन ने रात में गेट और कुछ निर्माण तुड़वा दिया।
रविवार को भूमि को लेकर फिर विवाद हो गया। नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर भूमि की चहारदीवारी तोड़ने पहुंची, तो ताहिर अतहर पक्ष के लोग विरोध में खड़े हो गए। हंगामा होने से दर्जनों लोगों की भीड़ जुट गई।
ये है मामला
पीएसी और पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। कुछ लोगों ने मेयर विनोद चमोली के साथ धक्का मुक्की भी की। पुलिस ने एकत्र भीड़ को भगा दिया। विनोद चमोली वहीं कुर्सी डालकर बैठ गए और सिटी मजिस्ट्रेट को बुलाकर उक्त भूमि पर नगर निगम को कब्जा दिलाने की मांग करने लगे।
तनातनी की खबर सुनकर नगर निगम के आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे, नगर निगम के अधिकारी और सीओ भी मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक दोनों पक्षों के बीच हंगामा चलता रहा। ताहिर अतहर पक्ष के वकील ने न्यायालय के आदेश की प्रति दिखाते हुए साढ़े तीन बीघा भूमि पर अपना हक जताया।
जबकि, मेयर विनोद चमोली ने कहा कि 1923 को नगर निगम की चार बीघा पांच बिसवा भूमि 90 साल की लीज पर जानकी दास एंड कंपनी को दी गई थी। लीज 2013 में खत्म हो चुकी है। मेयर का कहना है कि ताहिर अतहर का दावा झूठा है।
मेयर ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन भी सरकारी भूमि बचाने के पक्ष में नहीं हैं। पुलिस ने कहा कि जब तक नगर निगम प्रशासन भूमि पर अपना दावा संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता है उक्त भूमि यथास्थिति रहेगी।
मेयर को मनाने पहुंचे एसडीएम
उधर, रात को मेयर विनोद चमोली फिर से मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के बाद कहा कि यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए।
मेयर को मनाने पहुंचे एसडीएम
मेयर विनोद चमोली रात को धरने पर बैठ गए। जिस पर एसडीएम सदर प्रत्यूष सिंह भी मौके पर पहुंचे और उन्हें मनाने की कोशिश की। हालांकि देर रात तक मेयर चमोली धरने पर बैठे रहे।
मुख्यमंत्री को भी मामले की जानकारी
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी डालनवाला में निगम और दूसरे पक्ष के बीच चल रहे झगड़े की जानकारी है। जिसे लेकर उन्होंने प्रकरण में कोर्ट के आदेश का पालन कराने और जमीन की पैमाइश के बाद आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, दूसरी ओर निगम द्वारा प्रशासन को अभी तक जमीन संबंधी कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इतना ही नहीं मामले में कोर्ट के नोटिस के बाद भी निगम ने अपनी ओर से कोई पक्ष नहीं रखा।