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नक्शे में जो दिखाया वो बनाया ही नहीं
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रियल एस्टेट रेगुलेटिरी अथॉरिटी (रेरा) ने पाम सिटी रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की शिकायत पर मैसर्स गंगा रियल्टर्स को 45 दिन में नक्शे के अनुसार सुविधाएं देन के आदेश दिए हैं। साथ ही शिकायतकर्ता और एमडीडीए को 30 दिन के भीतर जानकारी देने की भी बात कही।
बता दें, बिल्डर मैसर्स गंगा रियल्टर्स ने पाम सिटी के नक्शे में जो दिखाया था, वो हकीकत में नहीं बनाया। इस बाबत पाम सिटी रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने मैसर्स गंगा रियल्टर्स के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार बिल्डर ने एमडीडीए से पास नक्शे के तहत जल निकासी, स्वीमिंग पूल, जिम एवं क्लब हाउस, स्कूल आदि की व्यवस्था नहीं की है। जबकि ब्रोशर में ये सुविधाएं देने का दावा किया था। प्रमोटर ने एकल आवासीय इकाइयों की जगह 43 भूखंडों में बहुमंजिला भवन बना दिया। इस प्रकरण पर सुनवाई करते हुए रेरा सदस्य मोहन चंद्र जोशी ने बिल्डर को ब्रोशर में दी गई सुविधाओं को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा 30 दिन में इसकी जानकारी शिकायतकर्ता और एमडीडीए को देने को कहा। ऐसा नहीं होने पर बिल्डर पर 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया जाएगा।
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बता दें, बिल्डर मैसर्स गंगा रियल्टर्स ने पाम सिटी के नक्शे में जो दिखाया था, वो हकीकत में नहीं बनाया। इस बाबत पाम सिटी रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने मैसर्स गंगा रियल्टर्स के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार बिल्डर ने एमडीडीए से पास नक्शे के तहत जल निकासी, स्वीमिंग पूल, जिम एवं क्लब हाउस, स्कूल आदि की व्यवस्था नहीं की है। जबकि ब्रोशर में ये सुविधाएं देने का दावा किया था। प्रमोटर ने एकल आवासीय इकाइयों की जगह 43 भूखंडों में बहुमंजिला भवन बना दिया। इस प्रकरण पर सुनवाई करते हुए रेरा सदस्य मोहन चंद्र जोशी ने बिल्डर को ब्रोशर में दी गई सुविधाओं को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा 30 दिन में इसकी जानकारी शिकायतकर्ता और एमडीडीए को देने को कहा। ऐसा नहीं होने पर बिल्डर पर 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया जाएगा।
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