केदारनाथ आपदा प्रभावित युवती से दुष्कर्म में निचली अदालत ने माना दोषी, हाईकोर्ट ने किया मुक्त
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हाईकोर्ट ने केदारनाथ आपदा से प्रभावित युवती से दुष्कर्म के मामले में निचली कोर्ट से दोषी ठहराए गए व्यक्ति को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
सोमवार को न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की। मामले के अनुसार 27 अप्रैल 2014 को चंबा थाने में एक युवती ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। युवती ने खुद को आपदा पीड़ित बताया था और कहा था कि उससे दुष्कर्म किया गया।
दस वर्ष की सजा सुनाई थी
जिला जज टिहरी ने आरोपी मनीराम को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उसे दस वर्ष की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के इस आदेश को चुनौती देते हुए मनीराम ने जेल से हाईकोर्ट को पत्र भेजा था। इसके बाद हाईकोर्ट ने अधिवक्ता एसके मंडल को न्याय मित्र नियुक्त किया था।
पक्षों की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने निचली अदालत के फैसले को निरस्त करते हुए याची मनीराम को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया।