अब्दुल शकूर हत्याकांड: बिटक्वाइन एकाउंट का पासवर्ड न बताने पर हुई थी हत्या, दी थी बेइंतहा यातनाएं
- मुख्य आरोपी शिहाब समेत तीन गिरफ्तार, 486 करोड़ के बिटक्वाइन को लेकर 28 अगस्त को हुई थी शकूर की हत्या
- पुलिस का दावा, कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की तैयारी में थे हत्यारोपी
- 07 आरोपियों को पहले ही किया जा चुका है गिरफ्तार
विस्तार
486 करोड़ के बिटक्वाइन को लेकर हुए अब्दुल शकूर हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपी शिहाब समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों का कहना है उनका इरादा शकूर को मारने का नहीं था। बिटक्वाइन एकाउंट का पासवर्ड न बताने की जिद में शकूर की जान गई थी। हत्याकांड में सात आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने बुधवार को अब्दुल शकूर हत्याकांड में पकड़े गए तीनों हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। प्रेमनगर पुलिस केरल में तीनों फरार आरोपियों के घरों में दबिश दे रही थी। पुलिस दबाव के चलते तीनों आरोपी कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की तैयारी में थे। अधिवक्ता के माध्यम से पूरी तैयारी कर ली गई थी।
एसएसपी ने बताया कि प्रेमनगर थाना प्रभारी धर्मेन्द्र रौतेला ने मुखबिर की सूचना के आधार पर शिहाब निवासी परमबील वैन्यूर मल्लापुरम, मोहम्मद अरशद निवासी वेन्यूर और मुनीफ निवासी चक्कारिकल चेलारी, केरल को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक लैपटॉप भी बरामद हुआ है। अब्दुल का मोबाइल ये लोग समुंदर में फेंक चुके हैं। एसपी सिटी श्वेता चौबे और सीओ सिटी शेखर सुयाल इस दौरान मौजूद रहे। एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
लैपटॉप से खुलेंगे कई राज
आरोपियों के पास से बरामद हुए लैपटॉप से कई राज खुलने की उम्मीद है। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि लैपटॉप को जांच के लिए फोरेसिंक लैब चंडीगढ़ भेजा जाएगा। एफएसएल की जांच में लैपटॉप में छिपे राज बाहर आने की उम्मीद है।
पांच से आठ करोड़ की देनदारी
एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि केरल निवासी अब्दुल शकूर बीटीसी बिटक्वाइन शकूर और बिटजेक्स के नाम से दो कंपनी चलाता था। अब्दुल शकूर की कोर कमेटी में शाहिब, आशिक, अरशद और मुनीफ शामिल थे, जो अपने एजेंटों से कंपनी में पूंजी निवेश कराते थे।
कोर कमेटी के इन सदस्यों पर पांच से लेकर आठ करोड़ की देनदारी है। इस तरह एजेंटों की भी काफी रकम फंसी है। दबाव के चलते ये लोग केरल से भागकर यहां आए थे। आरोपियों को जानकारी थी कि अब्दुल शकूर ने दबाव में पहले भी किसी को भुगतान किया था। इसी इरादे से मारपीट करने के साथ शकूर को शरीर पर सिगरेट दागकर यातनाएं दी गई थी।
यह था पूरा घटनाक्रम
केरल निवासी अब्दुल शकूर बिटक्वाइन में घाटा होने के बाद अपने कोर कमेटी के चार सदस्यों के साथ देहरादून भाग आया था। कोर कमेटी के सदस्यों को शक था कि अब्दुल शकूर के पास कई करोड़ के बिटक्वाइन हैं। पासवर्ड जानने को साथियों ने अब्दुल शकूर को यातनाएं दी थीं। यातनाओं में शकूर की मौत हो जाने के बाद आरोपी 28 अगस्त को उसका शव मैक्स अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए थे।
पुलिस ने कई दिन की भागदौड़ के बाद तीन लोगों को तो रुड़की से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में करोड़ों के बिटक्वाइन के चक्कर में अब्दुल शकूर की हत्या किए जाने की बात सामने आई थी। इस मामले में आशिक समेत सात आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।