काशीपुर : पिता-पुत्री को बंधक बनाकर लाखों की नगदी-जेवरात लूटे, चेहरे पर फेंका ज्वलनशील पदार्थ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घर में घुसे बदमाशों ने पिता-पुत्री को नशीले इंजेक्शन लगाकर बंधक बनाने के बाद घर में रखी 1.20 लाख रूपये की नगदी, सोने-चांदी के जेवरात समेत अन्य सामान लूट लिया। वारदात को अंजाम देकर बदमाश पिता-पुत्री के चेहरे पर ज्वलनशील पदार्थ फेंककर फरार हो गए। दोनों को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। खबर लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी।
वैशाली कालोनी निवासी राजकुमार और उसके परिवार के सदस्य कुंडेश्वरी के ग्राम पच्चावाला स्थित गांधीआश्रम में सब्जी उगाने का कार्य करते हैं, जिसके चलते राजकुमार की पत्नी फूलवती, बेटा सीताराम, पुत्रवधू सविता और बड़ी बेटी पूनम गांधी आश्रम में ही बने आवास में रहते हैं। बुधवार रात राजकुमार और उसकी छोटी बेटी अलका घर पर थे।
रात करीब 12 बजे हथियारों से लैस कुछ बदमाश उसके घर में घुस आए। बदमाशों ने बरामदे में सो रहे राजकुमार को इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया और रस्सी से उसके हाथ पैर बांधकर नीचे कमरे में डाल दिया। इसके बाद बदमाशों ने दुमंजिले कमरे का दरवाजा खटखटाया। अलका के कुंडी खोलने पर बदमाशों ने उसे भी बेहोश कर दिया। उसके बाद बदमाशों ने घर में रखे 1.20 लाख रुपये, चांदी के 4 आभूषण, सोने के जेवरात और एक मोबाइल लूट लिया। बदमाश दोनों के चेहरे पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर फरार हो गए।
कालोनी के असामाजिक तत्वों पर जताया शक
बृहस्पतिवार सुबह करीब 05 बजे राजकुमार का पुत्र अमित सब्जी लेकर घर पहुंचा और पड़ोस में रहने वाले अपने चाचा देवानंद व ठाकुर सिंह की मदद से राजकुमार और अलका को गंभीर हालत में रामनगर रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
सूचना पर आईटीआई थाना प्रभारी कुलदीप सिंह अधिकारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीमों ने आस-पास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। फिलहाल पुलिस ने शक के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। खबर लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नही हो सकी है।
राजकुमार की पत्नी फूलवती ने कॉलोनी के ही कुछ अराजक तत्वों और अपनी बेटी के ससुरालियों पर वारदात को अंजाम देने की आशंका जताई है। फूलवती का कहना है कि उसके घर की गली के नुक्कड़ पर अक्सर 10-12 युवकों का जमावड़ा लगा रहता है जो नशा करने के आदी हैं।
उसने अपनी बेटी की शादी के लिए नगदी और जेवरात जमा किए थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण बेटी की शादी टालनी पड़ी। बड़ी बेटी ससुरालियों के उत्पीड़न के कारण उसके साथ रहती है। संभव है कि बेटी के ससुरालियों ने रंजिशन वारदात को अंजाम दिया हो। एसओ कुलदीप अधिकारी ने अस्पताल में भर्ती पिता-पुत्री से भी घटना की जानकारी जुटाई।