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जांच के फेर में फंसी चयन आयोग की समूह ‘ग’ की 500 पदों की भर्ती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 21 Apr 2018 10:00 PM IST
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समूह ‘ग’ श्रेणी के करीब 500 रिक्त पदों की सीधी भर्ती प्रक्रिया जांच के फेर में फंस गई है। ऐसे में हजारों अभ्यर्थियों को जांच पूरी होने तक इंतजार करना पड़ेगा। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से कराई गई भर्ती प्रक्रिया में कमियों के चलते हाईकोर्ट ने स्टेनोग्राफर-निजी सहायक परीक्षा के संशोधित परिणाम तथा चयन प्रक्रिया पर रोक लगाई है।
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आयोग को 1604 रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने में तीन साल लग गए। कई ऐसे रिक्त पद हैं, जिनकी विज्ञप्ति तीन साल पहले जारी की गई थी, लेकिन लिखित परीक्षा अब तक नहीं हो पाई है।
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समूह ‘ग’ के रिक्त पदों की सीधी भर्ती के लिए वर्ष 2015 में राज्य में पहली बार अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन हुआ। विभिन्न विभागों की ओर से समूह ग के रिक्त पदों की भर्ती के अधियाचन चयन आयोग को भेजे गए। आयोग की लेटलतीफी के चलते विज्ञप्ति जारी किए जाने के बाद परीक्षाएं समय पर नहीं कराई गईं।
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वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) के 196 पदों की लिखित परीक्षा में बड़ी अनियमितताएं पाई जाने पर भर्ती को निरस्त कर दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश पर आयोग ने इस साल दूसरी बार इस पद के लिए परीक्षा कराई है, जिसका परिणाम घोषित नहीं हुआ है। लिखित परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और विज्ञप्ति की त्रुटियों के खिलाफ परिक्षार्थियों को हाईकोर्ट जाना पड़ा। वर्तमान में चयन आयोग की 500 से अधिक नौकरियां जांच में फंसी हैं। इनमें हाईकोर्ट के आदेश पर टेक्निशियन ग्रेड-दो के 132, स्टेनोग्राफर-निजी सहायक के 120, अवर अभियंता (जेई) विद्युत यांत्रिकी के 252 पदों की भर्ती पर रोक लगी है।
तीन साल में 1314 नौकरियां दे पाया आयोग
वर्ष 2016 से 2018 तक चयन आयोग ने विभिन्न विभागों में 1604 अधियाचित पदों की भर्ती पूरी की। इनमें 1304 पदों पर ही नियुक्ति हुई। 1500 से अधिक ऐसे पद हैं, जिनके लिए परीक्षाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक रिजल्ट घोषित नहीं हुआ है। इसमें सहायक अध्यापक के 1272, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के 196, कंप्यूटर प्रोग्रामर के 45, प्रतिरूप सहायक के 26 और सहायक विकास अधिकारी के छह पद शामिल हैं।
चयन आयोग ने वर्ष 2017 में यूपीसीएल और पिटकुल में अवर अभियंता (जेई) विद्युत यांत्रिकी, आईटी और सिविल के रिक्त पदों की लिखित परीक्षा कराई। इनमें विद्युत यांत्रिकी के 252 रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया की जांच जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम से कराई जा रही है। रुड़की के एक कोचिंग सेंटर से ही 65 अभ्यर्थियों का जेई पद पर चयन हुआ है। इस पर आयोग ने गड़बड़ी की आशंका जताते हुए डीएम को जांच सौंपी है।
विभिन्न विभागों में वैयक्तिक सहायक के 120 पदों की भर्ती परीक्षा आयोग ने पिछले वर्ष कराई। इन पदों की भर्ती में शॉर्ट हैंड की परीक्षा और ट्रिपल सी कंप्यूटर सर्टिफिकेट प्रमाण पत्र की अनिवार्यता के मामले को लेकर अभ्यर्थियों ने कोर्ट में याचिका दायर की। आयोग ने अभ्यर्थियों का चयन कर उन्हें संबंधित विभागों में भेज दिया था, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई कर हाईकोर्ट ने परीक्षा परिणाम पर रोक लगाई है।
सीधी भर्ती परीक्षाओं को समय पर कराने में देरी हुई है, लेकिन वर्ष 2017 में आयोग ने सबसे ज्यादा परीक्षाएं और उनके परिणाम घोषित कर भर्ती प्रक्रिया पूरी की है। आयोग का प्रयास है कि पूर्व में जारी विज्ञप्तियों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालन में कुछ पदों का परीक्षा परिणाम रोका गया है।
- संतोष बडोनी, सचिव, चयन आयोग