IMA Pop 2020: मुंह पर मास्क पहन परेड में शामिल हुए कैडेट, अंतिम पग पार कर देश सेवा में हुए समर्पित
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कोरोना महामारी संकट के बीच भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से प्रशिक्षण पूरा कर 333 युवा अफसर शनिवार को सेना का अभिन्न अंग बन गए। इनमें सैनिक बहुल प्रदेश उत्तराखंड के 31 युवा सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। साथ ही नौ मित्र देशों के 90 जेंटलमैन कैडेट भी पास आउट हुए हैं। थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे ने बतौर निरीक्षण अधिकारी परेड की सलामी ली।
पासिंग आउट कोर्स के हरफनमौला जेंटलमैन कैडेट आकाशदीप सिंह ढिल्लो को आईएमए के सबसे प्रतिष्ठित सोर्ड ऑफ ऑनर और ऑडर्र ऑफ मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर जेंटलमैन कैडेट शिव कुमार चौहान को गोल्ड मेडल से नवाजा गया है। आईएमए के ड्रिल स्क्वायर पर शनिवार सुबह को आयोजित 146वें रेगुलर कोर्स व समानांतर कोर्सों की दीक्षांत परेड (पीओपी) में सीना चौड़ा करते हुए और कदमताल करते हुए 423 युवा सैन्य अफसर निकले तो उपस्थित लोगों ने तालियों से जोरदार स्वागत किया।
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सेना प्रमुख जनरल नरवाणे ने अकादमी के कमानडेंट ले. जनरल जयवीर सिंह नेगी व परेड कमांडर शिव कुमार के साथ परेड का निरीक्षण कर पासिंग आउट बैच के जेंटलमैन कैडेटों से सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने युवा अफसरों से चरित्र, अनुशासन व सत्यनिष्ठा के साथ नई जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। सेना प्रमुख ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारतीय सेना की अपनी अलग पहचान है। सेना की इस परंपरा को बनाए रखने की जिम्मेदारी युवा अफसरों की है।
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परेड के बाद निजाम पवेलियन में आयोजित पीपिंग व ओथ सेरेमनी में शिरकत करने के बाद सभी युवा बतौर लेफ्टिनेंट अपने-अपने देश की सेना की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। परेड के दौरान रिव्यूइंग ऑफिसर ने आईएमए में सैन्य प्रशिक्षण के दौरान श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जेंटलमैन कैडेटों को स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक प्रदान किए। वियतनाम के कैडेट दोन वॉन सोन को श्रेष्ठ विदेशी कैडेट का पुरस्कार दिया गया। चैंपियन कंपनी अलामीन व सिंगढ़ को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर प्रदान किया गया।
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इन्हें मिला इनाम
-स्वार्ड ऑफ ऑनर- बटालियन अंडर ऑफिसर आकाशदीप सिंह ढिल्लो
-स्वर्ण पदक- एकेडमी अंडर आफिसर शिव कुमार चौहान
-रजत पदक -एकेडमी कैडेट एज्युडेंट सक्षम राणा
-कांस्य पदक-सीनियर अंडर आफिसर सूरज सिंह
-रजत पदक (टीजीसी)-जूनियर अंडर आफिसर भरत योगेन्द्र
-श्रेष्ठ विदेशी कैडेट-दोन वॉन सोन (वियतनाम)
-सीआईएस बैनर-केरेन व सिंगढ़ कंपनी
इस देश को मिले इतने ऑफिसर
भारत -333
अफगानिस्तान-48
तजाकिस्तान-18
भूटान -13
मालदीव- 03
मारिशस-03
फिजी-02
श्रीलंका- 01
वियतनाम-0 1
पपुआ न्यू गिनी -01
परेड पल-पल
-सुबह 6:37 कंपनी सार्जेट मेजरों की टोली निरीक्षण लाइन पर।
-सुबह 6:40 एडवांस कॉल बजी।
-सुबह 6:45 कैडेटों ने मार्च पास्ट कर ड्रिल स्क्वायर में प्रवेश किया।
-सुबह 6:48 कैडेटों ने ड्रिल स्क्वायर पर पोजीशन संभाली।
-सुबह 6:50 अकादमी निशान ड्रिल स्क्वायर पर लाया गया।
-सुबह 6:58 डिप्टी कमांडेंट मेजर जनरल जेएस मंगत परेड स्थल पर पहुंचे, सलामी ली।
-सुबह 7:02 समादेशक ले. जनरल जयवीर नेगी परेड स्थल पर पहुंचे, सलामी ली।
-सुबह 7: 05 आर्मी ट्रेनिंग कमान के जीओसी ले. जनरल राज शुक्ला परेड स्थल पहुंचे, सलामी ली।
-सुबह 7:15 आर्मी चीफ जनरल नरवणे पटियाला कोच में सवार होकर परेड स्थल पहुंचे, सलामी ली।
-सुबह 7:18 परेड कमांडर शिव कुमार ने पासिंग आउट कोर्स की रिपोर्ट निरीक्षण अधिकारी को दी।
-सुबह 7:20 आर्मी चीफ ने अकादमी के समादेशक व परेड कमांडर के साथ परेड का निरीक्षण किया।
-सुबह 7:25 कदम-कदम बढ़ाए जा...की धुन पर जेंटलमैन कैडेटों ने ड्रिल स्क्वायर पर शानदार परेड की।
-सुबह 7:45 निरीक्षण अधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले जेंटलमैन कैडेटों को मेडल प्रदान किए।
-सुबह 7:50 निरीक्षण अधिकारी दस मिनट तक कैडेटों को संबोधित किया।
-सुबह 8:00 अकादमी निशान परेड स्थल से बाहर ले जाया गया।
-सुबह 8:05 पासिंग आउट बैच के जेंटलमैन कैडेटों ने अंतिम पग की ओर कदम बढ़ाये।
-सुबह 10:00 निजाम पवेलियन में पीपिंग की रस्म हुई। अधिकारियों व प्रशिक्षकों ने कैडेटों के कंधों पर पीप्स चढ़ाए।
-सुबह 10:30 कैडेट से अफसर बने युवाओं ने देश के लिए मर-मिटने की शपथ ली। खुशियों का इजहार किया।
कोरोना ने बदली पीओपी की वर्षों पुरानी परंपराएं
आईएमए में हर छह माह बाद होने वाली पासिंग आउट परेड में छोटे-छोटे बदलाव होते रहते हैं, लेकिन इस बार वैश्विक महामारी कोविड-19 ने वर्षों पुरानी परंपरा को ही बदल दिया। पीओपी के इतिहास में यह पहली बार देखने को मिला जब युवा सैन्य अधिकारी ड्रिल स्क्वायर पर मास्क पहने परेड करते नजर आए। वह भी बिना अपने माता-पिता और सगे संबंधियों के।
परिजन आमंत्रित न होने के कारण यह भी पहली बार हुआ जब सेना प्रमुख, आईएमए कमांडेंट, प्रशिक्षकों और यूनिट कमांडरों ने युवा सैन्य अधिकारियों के कंधों पर पीप्स सजाए। अंतिम पग के साथ ही पहला पग की परंपरा भी पासिंग आउट परेड में पहली बार शुरू हुई। कोरोना का असर इस बार पासिंग आउट परेड में साफ देखने को मिला। अब तक परेड की शान देखते ही बनती थी।
भारत माता तेरी कसम, कदम-कदम बढ़ाए जा और सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा के गीत पर गर्व से सीना ताने युवा अफसर ऐतिहासिक चैटबुड बिल्डिंग के ड्रिल स्वायर पर जब कदमताल करते थे, तब वहां उपस्थित बड़ी संख्या में कैडेट के माता-माता, नाते-रिश्तेदार तालियों से जोरदार स्वागत करते थे। बुलंद हौसलों को लिए जब यह उनके सामने से गुजरते थे तब माता-पिता का सीना भी गर्व से और चौड़ा हो जाता था।
युवा सैन्य अधिकारी अंतिम पग भरते थे तो उन पर सेना के हैलीकॉप्टर पुष्प वर्षा करते थे। वह माहौल बेहद आनंदित करने वाला होता था, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिन कुर्सियों पर माता-पिता, नाते-रिश्तेतार अपने लाडलों को देखकर गौरवान्वित होते थे वह पूरी तरह खाली थी। उन पर सेना के अफसर और उनके परिजन उपस्थित रहे। इस बार अंतिम पग भरने के दौरान पुष्प वर्षा भी नहीं हुई।
पहली बार शुरू हुई अंतिम पग के बाद पहला कदम की परंपरा
कोराना ने जहां इस बार भारतीय सैन्य अकादमी की वर्षों पुरानी परंपरा बदली, वहीं इस बार एक नई परंपरा की नींव भी पड़ी। हर बार कैडेट अंतिम पग पार कर भारतीय सेना के लिए अग्रसर होते थे। लेकिन इस बार अंतिम पग, पीपिंग और ओथ के बाद कैडेटों को पहला कदम से भी गुजरना पड़ा। यह पासिंग आउट परेड के इतिहास में पहली बार हुआ जब युवा सैन्य अधिकारी अंतिम पग के बाद पहले कदम से गुजरे। अब तक अंतिम पग के बाद कुछ दिन अवकाश लेकर कैडे्ट अपनी यूनिट ज्वाइन करते थे। लेकिन, इस बार युवा सैन्य अफसर सीधे अपनी-अपनी यूनिट जाएंगे।