आईएएस स्टिंग प्रकरण: आयुष गौड़ ने खोले आरोपी उमेश कुमार के सारे राज, बताया कैसे हुआ था पूरा खेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चैनल के सीईओ उमेश कुमार शर्मा पर आरोप लगाने वाला आयुष गौड़ भी सोमवार को खुलकर मीडिया के सामने आ गया है। उसने अभी तक के उन राज से पर्दा उठा दिया है जिसमें कुछ अधिकारियों और नेताओं के स्टिंग के कयास लगाए जा रहे थे।
गौड़ ने कहा कि उसने दिल्ली में अपर मुख्य सचिव (एसीएस) ओमप्रकाश का वीडियो बनाया था, लेकिन उसमें लेन-देन की बात नहीं की गई। मृत्युंजय मिश्रा पर उसने जरूर आरोप लगाए कि उन्होंने बातचीत के दौरान कई बार 10 लाख रुपये की मांग की, इसकी एवज में वह बार-बार कांट्रेक्ट (ठेका) दिलाने का दावा कर रहे थे। उसने देहरादून में भी कथित रूप से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीबियों के वीडियो बनाए थे। इन वीडियो-ऑडियो को वह पुलिस को उपलब्ध करवा चुका है।
प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता में गौड़ ने उमेश पर पूर्व में लगाए आरोपों को दोहराया। कहा कि वह चैनल की एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम) का इंचार्ज है और उमेश के कहने पर उसने कई स्टिंग किए। इस घटनाक्रम से पहले के स्टिंग को प्रसारित भी किया गया था, लेकिन इस स्टिंग की योजना में उसे शुरू से कुछ खटक रहा था।
उसने ठेकेदार बनकर उमेश के कहने पर मृत्युंजय मिश्रा के मार्फत एसीएस ओमप्रकाश से 16 फरवरी से 18 मार्च के बीच कई मुलाकात की। उसके बाद वह उमेश के आदेश पर दिल्ली से देहरादून आया।
यहां पहुंचने पर उमेश ने उसे राहुल भाटिया के साथ मिलकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का स्टिंग ऑपरेशन करने का जिम्मा सौंपा। इस दौरान एक दिन जब वह उमेश के घर मौजूद था तो उसने कुछ ऐसी बातें सुनी, जिसे सुनकर उसकी अंतरात्मा ने उसे झकझोर कर रख दिया।
उसके बाद वह सीएम के घर गया जरूर, लेकिन खुफिया कैमरे बाहर रखकर। लिहाजा वह सीएम से हुई मुलाकात का वीडियो-ऑडियो नहीं बना सका। हालांकि, इस मुलाकात में भ्रष्टाचार संबंधी कोई बात सामने नहीं आई।
पैसों को लेकर साफ मना किया
इस दौरान उसने कहा था यदि वह जल्द रकम लेकर आएगा तो ठेका उनके पक्ष में जाएगा। इसके लिए उसने अधिकारियों से बात कर ली है, लेकिन उमेश शर्मा इससे खुश नहीं था। वह बार-बार दबाव बना रहा था कि एक बार वह यह रकम एसीएस ओमप्रकाश और मुख्यमंत्री को पकड़ा दे। साथ ही मुख्यमंत्री से एक शब्द कहलवा लें कि उस सब उनके साथ हैं। किसी को अपने हाथों से पैसे देने से पत्रकार वार्ता के दौरान गौड़ ने इंकार किया।
कौन है सीएम का भाई बिल्लू
राहुल भाटिया को नहीं जानता
राहुल भाटिया के मार्फत गौड़ ने देहरादून में कई लोगों से मुलाकात की और उनके वीडियो बनाए। बावजूद इसके वह राहुल भाटिया के बारे में ज्यादा जानकारी होने से इंकार कर रहा है। हालांकि, उसकी यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है कि वह इतनी महत्वपूर्ण बातें एक व्यक्ति से कर रहा था, जिसे वह जानता तक नहीं। यही नहीं मुकदमे में उसी ने राहुल भाटिया का पनाष वैली का पता भी लिखवाया। पुलिस राहुल भाटिया नाम के शख्स की तलाश सरगर्मी से कर रही है।