पत्नी की खुदखुशी 'निगल' गई बेकसूर पति की जान
'मैं अपनी पत्नी पलक के बिना नहीं रह सकता...मेरी मौत के पीछे कोई जिम्मेदार नहीं है...' सुसाइड नोट में यह लिखकर एक प्रवक्ता ने खुदकुशी कर ली।
वह यमुनानगर (हरियाणा) के एक निजी कॉलेज में सेवारत था। पुलिस के अनुसार उसकी पत्नी ने भी बीते रविवार को संदिग्ध हालात में खुदकुशी कर ली थी। तब से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था।
गुरुवार रात करीब 10.45 बजे वह व्यक्ति हरिद्वार रोड पर टैक्सी स्टैंड के सामने होटल आकाश गंगा के कमरा नंबर-107 में ठहरा।
शुक्रवार सुबह 10 बजे तक वह कमरे से बाहर नहीं आया तो होटल कर्मियों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में होटल प्रबंधक एमएल आनंद ने पुलिस को सूचित किया। होटल कर्मियों ने पुलिस की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा खोला।
मरने से पहले फेसबुक में किया अपडेट
अंदर सफेद चादर के सहारे एक व्यक्ति पंखे से झूलता मिला। पुलिस ने शव को नीचे उतारा। छानबीन करने पर कमरे से चार पन्नों का सुसाइड नोट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और करीब चार हजार रुपए मिले।
पुलिस ने मृतक की शिनाख्त विकास नागपाल (28) पुत्र नरेंद्र नागपाल निवासी 704 ए, जैन चक्की के पास, महावीर कॉलेज रोड, जगाधरी यमुनानगर (हरियाणा) के रूप में की। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि विकास यमुनानगर इंस्टीट्यूट में प्रवक्ता था।
स्कूटी हरकी पैड़ी में मिली
मौत को गले लगाने वाले प्रवक्ता की स्कूटी हरकी पैड़ी, हरिद्वार पार्किंग में लावारिस हालत में मिली। परिजनों ने बताया कि विकास बीते गुरुवार को किसी जरूरी मीटिंग में जाने की बात कहकर घर से निकला था। उस दौरान उसने नीले रंग का लोअर, टीशर्ट और चप्पल पहना था। उसका तीन साल का बेटा है, जो दादा-दादी के पास है।
पुलिस चौकी रामपुरा, यमुनानगर से आए एएसआई बलवीर सिंह ने बताया कि विकास ऊर्फ प्रिंस ने गुरुवार की शाम अपने साले को कॉल कर बताया कि वह मरने जा रहा है। इस बात को उसने अपने फेसबुक पर भी डाला।
इसके बाद से रातभर परिजन उसकी खोज में लगे रहे। एएसआई ने बताया कि बीते रविवार को उसकी पत्नी पलक ने भी संदिग्ध हालात में खुदकुशी कर ली थी।