पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सरकार गंगा के लिए संघर्ष करने वाले एक और संत को मारना चाहती है। जानबूझकर स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल की मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। गंगा जल की गुणवत्ता को बनाए रखने का प्रयास नहीं किया जा रहा है।
जितनी अवहेलना गंगा की अभी की जा रही है इससे पहले कभी नहीं की गई
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को हरकी पैड़ी पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि नदियों के प्राकृतिक प्रवाह पर पंचेश्वर बांध बनाकर नदियों के पर्यावरणीय प्रवाह को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रवाह रोकने से नदियों के जल की गुणवत्ता में कमी आएगी और नदियों का जीवन चक्र प्रभावित होगा। एक सवाल के जवाब में हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने नदियों का पर्यावरणीय प्रवाह तय करने का प्रयास किया था, लेकिन राज्यों के मध्य सहमति न बनने पर प्रवाह तय नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार में आए गंगा एक्शन प्लान में काफी कार्य किए गए, लेकिन जितनी अवहेलना गंगा की अभी की जा रही है इससे पहले कभी नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार गंगा को मुद्दा बनाकर सत्ता में आई और एक साल में गंगा के लिए 18 हजार करोड़ रुपये का बजट जारी करने की बात कही, लेकिन साढ़े चार साल बाद धरातल पर पैसा लगता दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने के बाद गंगा के लिए विशेष एक्ट पास करवाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का भी स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद को समर्थन प्राप्त है।
हरीश रावत ने बाद में मातृसदन पहुंचकर स्वामी सानंद और मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती से भी मुलाकात की। इस अवसर पर जयराम पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, संतोष चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी पुरुषोत्तम शर्मा, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष किरण सिंह, संजीव चौधरी, अमन गर्ग, शुभम मैंदोला, नितिन तेश्वर, सचिन कौशिक, सागर बत्रा आदि मौजूद रहे।