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जहरीली शराब कांड: 12 लोगों ने गंवाई जान, सात अस्पताल में हुए थे भर्ती, जिंदा घर लौटा केवल एक ग्रामीण

Wed, 14 Sep 2022 10:14 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 14 Sep 2022 10:14 PM IST
सार

10 सितंबर को फूलगढ़ और शिवगढ़ में जहरीली शराब पीने से सात ग्रामीणों की मौत होने से हड़कंप मच गया था। गांव में प्रधान प्रत्याशी के पति डॉ. बिजेंद्र ने आठ सितंबर को ग्रामीणों को शराब पिलाई थी। शराब पीने से एक के बाद एक ग्रामीण बीमार होकर अस्पताल पहुंचने लगे और वहां दम तोड़ते गए।

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Haridwar Poisonous liquor scandal: only one villager returned home alive from hospital and 12 people died
इसी गांव में हुआ था जहरीली शराब कांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरिद्वार के शिवगढ़ ग्राम पंचायत के फूलगढ़ गांव का कुंवर सेन खुशनसीब है। जहरीली शराब पीने के बाद अस्पताल में भर्ती होने वालों में जिंदा लौटने वाला एकमात्र ग्रामीण है। कुंवर सेन किसी भी तरह का बयान देने से बच रहा है। वहीं मजिस्ट्रेटी जांच में अब तक 30 ग्रामीणों के कलमबंद बयान दर्ज हो चुके हैं। बिसरा और शराब के सैंपल की जांच रिपोर्ट को भी मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। 

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10 सितंबर को फूलगढ़ और शिवगढ़ में जहरीली शराब पीने से सात ग्रामीणों की मौत होने से हड़कंप मच गया था। गांव में प्रधान प्रत्याशी के पति डॉ. बिजेंद्र ने आठ सितंबर को ग्रामीणों को शराब पिलाई थी। शराब पीने से एक के बाद एक ग्रामीण बीमार होकर अस्पताल पहुंचने लगे और वहां दम तोड़ते गए। 12 मृतकों में सात की इलाज के लिए ले जाते या फिर इलाज के दौरान अलग-अलग अस्पतालों में मौत हो गई। 
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फूलगढ़ के 40 वर्षीय कुंवर सेन को भी 12 सितंबर की रात एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। 13 सितंबर की रात उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। बुधवार को पुलिस ने उससे पूछताछ करनी चाही, लेकिन उसने खामोशी नहीं तोड़ी। वहीं मजिस्ट्रेटी जांच में अब तक 30 ग्रामीणों के बयान दर्ज हो चुके हैं। 

10 सितंबर को एसडीएम पूरन सिंह राणा को मजिस्ट्रेटी जांच सौंपी गई है। 15 दिन में जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जानी है। एसडीएम ने बताया कि अभी मृतक आश्रितों और कई ग्रामीणों के बयान लिए जाएंगे। मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने से बिसरा जांच को भेजा गया है। जहरीली शराब का सैंपल भी जांच को गया है। इनकी जांच रिपोर्ट को भी मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।

बिना थानेदार चल रहा पथरी थाना 

जहरीली शराब कांड के बाद डीजीपी अशोक कुमार ने पथरी थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार को निलंबित कर दिया था। तब से पथरी थानेदार की कुर्सी खाली है। एक दरोगा कार्यवाहक थानाध्यक्ष का कार्यभार सौंपा गया है। क्षेत्र में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। क्षेत्र में कई गांव संवेदनशील हैं। ऐसे में थानाध्यक्ष की तैनाती को लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।  

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