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हरिद्वार : हाथियों ने भी बदला आवाजाही का समय, हाथियों को रोकने के लिए 11 टीमें की तैनात
Mon, 14 Dec 2020 10:21 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार
निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 14 Dec 2020 10:21 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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बदलते मौसम के साथ मानव ही नहीं वन्य जीव भी अपनी दिनचर्या बदल देते हैं। सर्दी के मौसम में राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगलों से निकलकर हाथी शाम को पांच बजे के बाद ही गंगा पार गन्ने के खेतों में घुसने लगे हैं। जबकि गर्मी के मौसम में हाथी रात आठ बजे के बाद गंगा पार करते थे। अब इन हाथियों को आबादी क्षेत्र आने से रोकने के लिए हरिद्वार वन प्रभाग ने 11 टीमें तैनात की हैं। टीमों में समन्वय और आपात सहायता के लिए दो मोबाइल टीमें बनाई गई हैं।
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राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगल से निकलकर हाथी गंगा किनारे आबादी क्षेत्र में घुसकर खेतों में फसलों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। वन विभाग सालाना 50 लाख से अधिक का मुआवजा भी बांटता है। हाथियों को आबादी क्षेत्र में घुसने से रोकने के लिए वन विभाग संवेदनशील इलाकों में हाथी सुरक्षा दीवार जैसी दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है। इसकी शुरुआत भी हो गई है। दिसंबर से तापमान गिरने लगा है। इससे ग्रामीणों की दिनचर्या बदली है। शाम ढलने के बाद ग्रामीणों की खेतों की तरफ आवाजाही कम हो गई है। इससे हाथियों ने भी खेतों में घुसने का अपना समय बदल दिया है।
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ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग ने हाथियों की आवाजाही वाले गंगा किनारे 11 रास्तों पर टीमें तैनात कर दी हैं। टीमें शाम पांच बजे से रातभर पहरा दे रही हैं। हाथियों के गंगा पार करते ही उनको जंगल की तरफ भगा रही हैं। प्रत्येक टीम में छह लोग शामिल हैं और वायरलेस सेट दिए गए हैं। दो मोबाइल टीमें भी बनाई गई हैं। एक मोबाइल टीम हरिद्वार कनखल से लक्सर तक गश्त करके 11 टीमों के बीच समन्वय कर रही है। जबकि दूसरी टीम भेल में तैनात है। मोबाइल टीमों में चा-चार कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
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इन जगहों पर तैनात की गई 11 टीमें
कनखल मातृसदन, जगजीतपुर, मिस्सरपुर, अजीतपुर, बिशनपुर, रानीमाजरा कुंडी, भोगपुर, तिरछा पुल, रसियाबड़, अंजनी चौड़ श्यामपुर।
पांच बजे बाद ही हाथी गंगा पार कर आबादी क्षेत्र में घुस रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर 11 गश्ती टीमें और दो मोबाइल टीमें तैनात की दी हैं।
- नीरज कुमार, डीएफओ