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उत्तराखंडः दो माह से नहीं मिला 108 कर्मचारियों को वेतन, कंपनी को सौंपी चाबियां
Sat, 27 Apr 2019 08:12 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 27 Apr 2019 08:12 PM IST
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एंबुलेंस सेवा 108 का संचालन करने वाली कंपनी जीवीके के कर्मचारियों ने नई कंपनी को सेवा हस्तांतरित होने के चार दिन पूर्व ही वाहनों की चाबियां अपनी कंपनी को सौंप दी हैं। अब प्रदेशभर के 717 कर्मचारी 30 अप्रैल को राजधानी में इकट्ठा होकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें दो माह से वेतन नहीं मिला है, जिसके विरोध में वे अब उग्र आंदोलन करेंगे। इधर, जीवीके के प्रदेश प्रभारी के अनुसार अगले दो दिनों के भीतर नई कंपनी को सेवा का हस्तांतरण शुरू हो जाएगा।
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प्रदेश में जीवीके 132 एंबुलेंस 108 और 90 ‘खुशियों की सवारी’ सेवा का संचालन कर रही है। यह सेवा जनता के लिए निशुल्क है। पिछले 11 सालों से इसी कंपनी के पास आपातकालीन सेवाओं के संचालन का जिम्मा था। इस साल सरकार ने सेवा का संचालन जीवीके से हटाकर नई कंपनी कैंप को देने का फैसला किया था। एक अप्रैल से ही कैंप को सेवा का संचालन करना था, लेकिन भर्ती व अन्य प्रक्रियाओं में देरी के चलते इसे एक माह तक बढ़ा दिया गया। जबकि जीवीके ने अपने कर्मचारियों को मार्च में ही नोटिस थमा दिया था।
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कर्मचारियों के मुताबिक उन्हें मार्च से वेतन भी नहीं दिया गया है। ऐसे में उन्होंने 24 अप्रैल को भी सांकेतिक आंदोलन किया था। 108 और खुशियों की सवारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विपिन जमलोकी ने बताया कि शनिवार को सभी कर्मचारियों ने वाहनों की चाबियां जीवीके के अधिकारियों को सौंप दी हैं। सभी कर्मचारी बोरिया बिस्तर लेकर अपने घरों की ओर निकल गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारी 30 अप्रैल को देहरादून के परेड ग्राउंड में इकट्ठा होंगे और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। कर्मचारियों को उनका हक मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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दो दिन में शुरू हो जाएगा हैंडओवर
जीवीके के प्रदेश प्रभारी मनीष टिंकू ने बताया कि कर्मचारियों ने आज से चाबियां जमा करनी शुरू कर दी हैं। दो दिन बाद कैंप को सेवा का संचालन हस्तांतरित किया जाना शुरू हो जाएगा। इसके बाद एक मई से पूरी तरह से सेवा का संचालन कैंप ही करेगी। कैंप को 139 एंबुलेंस नई आवंटित की गई हैं।
दो दिन हो सकती हैं परेशानियां
अभी तक गढ़वाल क्षेत्र में कैंप ने एक भी एंबुलेंस का संचालन शुरू नहीं किया है। शनिवार से जीवीके के कर्मचारियों ने लोकेशन छोड़ना शुरू कर दी हैं। चूंकि, कैंप दो दिन बाद ही एंबुलेंस का संचालन करेगी। इससे पहले इन दिनों में आपातकालीन सेवाओं में समस्याएं सामने आ सकती हैं।