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आठ साल पहले हत्या में दो दोषी करार
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद की अदालत ने आठ वर्ष पहले हुई हत्या के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोनों दोषियों को 24 जुलाई को सजा सुनाई जाएगी। मामले में आरोपी एक बाल अपचारी पर वर्तमान में जुवेनाइल कोर्ट में केस चल रहा है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश बहुगुणा ने बताया कि मामले में कुल 15 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। मामले की विवेचना तत्कालीन प्रभारी कोतवाली धीरेंद्र सिंह रावत ने की थी।
सात जुलाई 2011 को लोवर लखवाड़ कॉलोनी डाकपत्थर निवासी सुदामा प्रसाद डोभाल पुत्र स्व. अयोध्या प्रसाद डोभाल की डंडे से हमला कर हत्या कर दी गई थी। मामले में सुदामा के चाचा ने आठ जुलाई 2011 को पुलिस को तहरीर दी थी कि उसका भतीजा सुदामा लोडर टैंपो चलाता है। सात जुलाई की शाम छह बजे वह घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन सुबह करीब सात बजे उसका शव लखवाड़ कॉलोनी में ही सड़क किनारे इंदर सिंह पंवार के घर के पास झाड़ियों से मिला। सुदामा के सिर और मुंह पर चोटों के निशान थे। उन्होंने सुदामा की हत्या की आशंका व्यक्त की।
जांच में पुलिस ने सुदामा के शव के पास से एक लकड़ी का खून से सना मोटा डंडा बरामद किया। विवेचना में सामने आया कि घटना की रात रवि कुमार पुत्र सुरेश कुमार और अनिल शाह उर्फ चकोरी पुत्र मंगल सिंह शाह दोनों निवासी लोअर लखवाड़ कॉलोनी भी सुदामा के साथ थे। उनके साथ एक 11 वर्षीय किशोर भी था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि घटना की रात को सभी ने एक साथ शराब पी थी। इसके बाद शराब की बोतल तोड़ने को लेकर उनका सुदामा के साथ विवाद हो गया। इस पर उन्होंने डंडे से हमला कर सुदामा की हत्या कर दी। मामले में गवाह संजय सैनी के कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए।
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शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि बचाव और अभियोज पक्ष की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। 24 जुलाई को दोनों को सजा सुनाई जाएगी।
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सात जुलाई 2011 को लोवर लखवाड़ कॉलोनी डाकपत्थर निवासी सुदामा प्रसाद डोभाल पुत्र स्व. अयोध्या प्रसाद डोभाल की डंडे से हमला कर हत्या कर दी गई थी। मामले में सुदामा के चाचा ने आठ जुलाई 2011 को पुलिस को तहरीर दी थी कि उसका भतीजा सुदामा लोडर टैंपो चलाता है। सात जुलाई की शाम छह बजे वह घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन सुबह करीब सात बजे उसका शव लखवाड़ कॉलोनी में ही सड़क किनारे इंदर सिंह पंवार के घर के पास झाड़ियों से मिला। सुदामा के सिर और मुंह पर चोटों के निशान थे। उन्होंने सुदामा की हत्या की आशंका व्यक्त की।
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जांच में पुलिस ने सुदामा के शव के पास से एक लकड़ी का खून से सना मोटा डंडा बरामद किया। विवेचना में सामने आया कि घटना की रात रवि कुमार पुत्र सुरेश कुमार और अनिल शाह उर्फ चकोरी पुत्र मंगल सिंह शाह दोनों निवासी लोअर लखवाड़ कॉलोनी भी सुदामा के साथ थे। उनके साथ एक 11 वर्षीय किशोर भी था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि घटना की रात को सभी ने एक साथ शराब पी थी। इसके बाद शराब की बोतल तोड़ने को लेकर उनका सुदामा के साथ विवाद हो गया। इस पर उन्होंने डंडे से हमला कर सुदामा की हत्या कर दी। मामले में गवाह संजय सैनी के कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए।
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शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि बचाव और अभियोज पक्ष की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। 24 जुलाई को दोनों को सजा सुनाई जाएगी।