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Dehradun News: साइबर ठगों से राज उगलवाएंगे तमिल भाषा के विशेषज्ञ, ठगों को दून पुलिस ने भेजा जेल
Tue, 22 Dec 2020 12:22 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 22 Dec 2020 12:22 PM IST
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कौन बनेगा करोड़पति में लॉटरी के नाम पर लोगों को ठगने के आरोपियों की एक बड़ी चेन है, जिसे तोड़ने के लिए उत्तराखंड एसटीएफ ने जाल बिछा दिया है। जल्द ही इनसे राज उगलवाने के लिए एसटीएफ भाषा विशेषज्ञों का सहारा लेगी। सोमवार को दोनों ठगों को दून लाया गया। इन्हें न्यायालय के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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बीते दिनों एसटीएफ ने तमिलनाडु से दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया था। इनकी पांच दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर हुई थी। एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि ठगों को गिरफ्तार करते वक्त पुलिस टीम के सामने भाषा की समस्या आई थी। यह पूरा इलाका तमिल भाषा वाला है। यहां पर बहुत से लोग अंग्रेजी भी नहीं जानते थे।
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ऐसे में वहां स्थानीय भाषा विशेषज्ञों की मदद के बाद ही पूरी कार्रवाई की गई। वहां के न्यायालय में भी ट्रांजिट रिमांड लेने के लिए तमिल भाषा के जानकारों का सहारा लिया गया। क्योंकि, साइबर थाना पुलिस के सारे दस्तावेज हिंदी में ही लिखे हुए थे। उन्होंने बताया ठगों का देशभर में जाल फैला हुआ है। इनसे राज उगलवाने के लिए तमिल भाषा के विशेषज्ञ की मदद ली जाएगी।
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फिलहाल न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। जल्द ही उनकी पुलिस कस्टडी रिमांड भी ली जाएगी। इसके बाद विशेषज्ञ की मदद से उनसे राज उगलवाए जाएंगे। प्राथमिक जांच में ही सामने आ चुका है कि इनके तार श्रीलंका और दुबई तक जुड़े हुए हैं।
यह है ठगी का तरीका
फोन (वाट्सएप) पर कौन बनेगा करोड़पति में लॉटरी जीतने का लालच दिया जाता है। पीड़ितों से वाट्सएप कॉल के माध्यम से संपर्क कर रजिस्ट्रेशन शुल्क, बैंक शुल्क, इनकम टैक्स के नाम पर मोटी रकम वसूल करते हैं। फर्जी आईडी के जरिये लोगों से फ्रॉड करते हैं।