अमर उजाला संवाद: घर के ड्राइंग रूम में ही पल रहा डेंगू का मच्छर, बचाव के लिए जन सहभागिता जरूरी
संवाद कार्यक्रम में एक बात उभर कर सामने आई कि डेंगू का मच्छर घरों के आंगन, किचन और ड्राइंग रूम में ही पनप रहा है, न कि नालियों और नालों में।
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दून में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में मरीज सामने आ रहे हैं। अब तक जिले में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। गंभीर संकट को कैसे महामारी का रूप लेने से रोका जा सके, इसे लेकर अमर उजाला की ओर से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसमें चिकित्सकों ने कहा, डेंगू का मच्छर बाहर नहीं बल्कि आपके ड्राइंग रूम में छिपा है। इसे घर से ही भगाने की जरूरत है, तभी डेंगू से छुटकारा मिल सकेगा। संवाद कार्यक्रम में आम लोगों ने जहां डेंगू को लेकर अपनी राय, सुझाव और नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग की खामियों को सामने रखा तो वहीं मेयर सुनील उनियाला गामा, सीएमओ डॉ. संजय जैन और वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एनएस बिष्ट ने नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों, डेंगू को लेकर लोगों की भ्रांतियों और रोकथाम के लिए किए जाने वाले उपायों के बारे में बताया।
संवाद कार्यक्रम में एक बात उभर कर सामने आई कि डेंगू का मच्छर घरों के आंगन, किचन और ड्राइंग रूम में ही पनप रहा है, न कि नालियों और नालों में। इसलिए आप खुद ही जागरूक होकर डेंगू को विकराल होने से रोक सकते हैं। यानि डेंगू महामारी का स्वरूप न ले इसके लिए सरकारी सिस्टम को तो चुस्त रहना जरूरी है, साथ ही आम लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है।
शहर की सोसायटियों के साथ करें बैठक
दिनेश भंडारी ने सुझाव दिया कि नगर निगम शहर की सोसायटियों से बैठक कर कार्ययोजना तैयार करें, जिससे समाज को जागरूक किया जा सके।
प्लेटलेट्स के नाम पर रुके मनमानी
प्रदीप कुकरेती ने नियमित रूप से अस्पतालों की निगरानी करने, प्लेटलेट्स के नाम हो रही मनमानी पर रोक लगाने और उचित तरीके से फॉगिंग कराने को कहा।
जनजागरूकता का अभाव दिख रहा
संजय भाटिया ने कहा कि जनजागरूकता का अभाव दिख रहा है। इसके लिए उचित प्रयास किए जाएं। नगर निगम वार्डों में पार्षदों के साथ ही वहां के लोगों की जिम्मेदारी भी तय करें।
डेंगू को लेकर डर न फैले
कैप्टन हरि प्रसाद पुरोहित ने कहा कि डेंगू को पैनिक न होने दें। निगम, स्वास्थ्य विभाग को चाहिए वह शुरूआत में रोकथाम के लिए कार्य करें।
राजनीति न हो
कृष्ण कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि वार्ड स्तर पर राजनीतिकरण हो रहा है। इसलिए वार्ड में सक्रिय लोगों को भी कुछ जिम्मेदारी दी जाए। बीरू बिष्ट ने सुझाव दिया कि नगर निगम ने जोनल कार्यालय बनाए हैं। वहां पर दवा, ब्लीचिंग आदि आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जोनल स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
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इन्होंने भी दिए सुझाव
इसके अलावा गजेंद्र एस जस्सल, जितेंद्र कुमार, हरि सिंह बिष्ट, सुमित प्रजापति, नीता गर्ग, प्रियांशी मालिक, तनुजा तिवारी, विभा अग्रवाल, जसवीर सिंह, मधु जैन, डॉ. संजय उप्रेती,भारत भूषण कौल ने भी स्वच्छता अभियान को तेज करने और फागिंग को हर मोहल्ले में कराने के सुझाव दिए।
निगम अपना काम कर रहा, लोगों को भी जिम्मेदार बनना होगा: मेयर
संवाद कार्यक्रम में मेयर सुनील उनियाल गामा ने निगम पर लगाए जा रहे आरोपों और निगम की ओर से डेंगू रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों को रखा। कहा, निगम अपना काम पूरी जिम्मेदारी से कर रहा है, लेकिन जब तक आम लोग अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, डेंगू हो या कोई और बीमारी, इस पर अंकुश लगाना संभव नहीं है।
निगम ने शुरूआत से ही डेंगू रोकथाम के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए थे। इसके बाद परिस्थितियों के हिसाब से कार्ययोजना तैयार की गई। प्रत्येक वार्ड में पार्षदों को फॉगिंग मशीन उपलब्ध कराई गई है। प्रत्येक पार्षद को पहले दस लीटर डीजल और दो लीटर पेट्रोल दिया गया। जब डेंगू बढ़ा तो इसकी मात्रा बढ़ाई गई। अब 15 लीटर डीजल और तीन लीटर पेट्रोल दिया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त दस बड़ी मशीनों से वार्डवार फॉगिंग कराई जा रही है। इसके साथ ही आ ट्रैक्टर माउंडेड स्प्रे मशीन से वार्डों में दवा का छिड़काव किया जा रहा है। घरों, प्रतिष्ठानों, मॉल, टॉवर, प्लॉटों की चेकिंग की जा रही है। जहां लार्वा मिल रहा है, लार्वा नष्ट कर चालान किया जा रहा है। नुक्कड नाटक, पंपलेट, कूड़े के वाहनों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इस मामले में राजनीति बिल्कुल नहीं हो रही है। सभी पार्षदों को एक समान पेट्रोल, डीजल, दवा उपलब्ध कराई जा रही है। संवाद में जो भी सुझाव आए हैं, उन पर भी काम किया जाएगा। बृहस्पतिवार को निगम में सोसायटियों की बैठक बुलाई जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री का किया बचाव
संवाद में मौजूद कुछ लोगों ने डेंगू मामले में स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत की सक्रियता पर सवाल उठाए। इस पर मेयर ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री की सक्रियता पर सवाल उठाना गलत है। स्वास्थ्य मंत्री लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। काफी पहले ही उन्होंने नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग की बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे। अभी भी वह लगातार अस्पतालों का दौरा और बैठकें कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्लेटलेट्स की दिक्कत इसलिए ज्यादा, लोग रक्तदान को आगे नहीं आते : सीएमओ
सीएमओ डॉ. संजय जैन ने कहा कि डेंगू के दौरान लगातार अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं। पहले अस्पतालों में बेड भरे थे, लेकिन अब डेंगू का प्रकोप कुछ कम हो गया है और बेड खाली हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों में डेंगू के लिए शुरुआत में ही बेड रिजर्व करवा दिए गए थे। डेंगू से बचाव के लिए खुद ही जागरूक होना होगा स्वास्थ्य विभाग की टीम सहयोग कर रही है। प्लेटलेट्स की दिक्कत इसलिए ज्यादा हो रही है क्योंकि लोग ब्लड डोनेशन के लिए आगे नहीं आते।
आईएमए ब्लड बैंक के एमडी व आईएमए देहरादून अध्यक्ष डॉ. संजय उप्रेती ने कहा कि डेंगू होने पर आईएमए ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है, क्योंकि लोग ब्लड डोनेशन के लिए आगे नहीं आते। भारत में एक फीसदी लोग रक्तदान करते हैं। इसके अलावा लोगों को यह बात मन से निकाल देनी चाहिए कि निजी अस्पताल सिर्फ लूटते हैं। सरकारी और निजी अस्पताल के रेट अलग होते हैं। इसलिए सरकारी और निजी अस्पताल की तुलना नहीं करना चाहिए। निजी अस्पताल को इलाज के लिए सरकार कुछ नहीं देती।