छात्राओं को पोर्न दिखाने वाले कलयुगी शिक्षक पर शिकंजा
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हरिद्वार जिले के एक इंटर कॉलेज में कार्यरत एक शिक्षक के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सख्ती पर यह कार्रवाई की गई है। शिक्षक पर पिछले महीने छात्राओं से छेड़छाड़ करने और अश्लील फिल्म दिखाने का आरोप लगा था।
कालेज में अस्थायी रूप से नौकरी कर रहे शिक्षक जसवावाला निवासी अभिषेक सैनी ने 13 नवंबर को कक्षा नौ की तीन छात्राओं को अपने मोबाइल फोन पर अश्लील फिल्म दिखाई थी। आरोप है कि छात्राओं के साथ शिक्षक ने छेड़छाड़ भी की।
इसकी शिकायत छात्राओं ने परिजनों से की तो मामला उजागर हुआ। कॉलेज प्रशासन की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में कमेटी ने आरोपों की पुष्टि की, लेकिन शिक्षक को स्कूल से नहीं हटाया गया।
प्रबंध समिति के दखल के चलते फिर से एक जांच कमेटी का गठन कर मामले को लटकाए रखा गया। इस पर परिजनों और क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्य शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर शिक्षक को हटाए जाने की मांग की गई।
लोगों के दबाव के बाद हुई कार्रवाई
सीईओ डॉ. मुकुल सती की ओर से शिक्षक को तुरंत हटाने के आदेश दिए गए। समाचार पत्रों में छपी खबरों की कटिंग के साथ क्षेत्रवासियों ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग देहरादून में शिकायत दर्ज की। जांच के बाद आयोग के अध्यक्ष अजय सेतिया ने प्रधानाचार्य को शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए नोटिस भेजा।
इसके बावजूद प्रधानाचार्य की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने पर आयोग की ओर से शिक्षक के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत 24 घंटे में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
शुक्रवार को प्रधानाचार्य ने आरोपी शिक्षक अभिषेक के खिलाफ धनौरी पुलिस चौकी में मुकदमा दर्ज करा दिया। चौकी इंचार्ज संदीप देवरानी ने बताया कि प्रधानाचार्य की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।