फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   pradhan send to jail in corruption charge

पिपली घोटाला LIVE: पूर्व प्रधान को तीन साल की जेल

Sat, 23 Aug 2014 02:37 AM IST
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Sat, 23 Aug 2014 02:37 AM IST
विज्ञापन
pradhan send to jail in corruption charge

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले की ग्राम पंचायत पिपली के पूर्व ग्राम प्रधान को अनियमितता का दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष का कारावास मिला है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश चंद्र आर्य ने फैसले में जांच अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया तथा इस मामले में डीएम और एसपी को कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

विज्ञापन


सहायक अभियोजन अधिकारी विपुल पांडे और सुरेंद्र नेगी ने बताया कि तत्कालीन डीएम के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी (डीपीआरओ, डीडीओ और एई आरईएस) ने पिपली गांव में एकल पेयजल योजना, राजीव गांधी पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र व मिलन केंद्र की जांच की थी।
विज्ञापन


अनियमितता की पुष्टि होने पर तत्कालीन एबीडीओ ने ग्राम प्रधान विजय लाल के विरुद्ध पटवारी चौकी पिपली में 24 मार्च 2008 को मुकदमा दर्ज कराया।

विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए गए। कोर्ट में सिर्फ गबन के मामले में सुनवाई चली।

जांच में वी‌डीओ को बचाने पर कोर्ट सख्त

pradhan send to jail in corruption charge

बहस के दौरान आरोपी ने कहा कि वह अनपढ़ है। सब कुछ हिसाब-किताब वीडीओ करता था। सारा रिकार्ड उसके पास रहता था। धन आहरण भी दोनों के संयुक्त हस्ताक्षर से होता था। ऐसे में उसको दोषी ठहराना ठीक नहीं है।

बहस सुनने के बाद सीजेएम ने कहा कि यह हैरानी करने वाला तथ्य है कि विवेचक ने जांच समिति के निष्कर्ष के अलावा अन्य किसी तथ्य का अन्वेषण नहीं किया। तत्कालीन वीडीओ के विरुद्ध कोई शब्द जांच रिपोर्ट में नहीं है। इससे स्पष्ट होता है कि जांच समिति ने अपने सहयोगी कर्मचारियों को बचाने की कोशिश की है।

लोकायुक्त ने की थी जांच
ग्रामीणों की शिकायत पर लोकायुक्त द्वारा ग्राम पंचायत पिपली में विकास योजनाओं की जांच कराई गई थी। जांच के बाद लोकायुक्त ने डीएम को डीपीआरओ, दो वीडीओ, सचिव (पंचायत) और एकाउंटेट से 1,73,000 रुपये वसूली के आदेश दिए थे। इसके बावजूद डीएम ने एक व्यक्ति को जांच कमेटी का सदस्य नियुक्त किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed