कुख्यात भूरा के बाद नीरज बवाना भी गिरफ्तार

ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 08 Apr 2015 01:52 PM IST
neeraj bawana arrested.
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अमित उर्फ भूरा के बाद एक लाख का इनामी नीरज बवाना भी दिल्ली में पकड़ा गया।
भूरा की फरारी में बवाना का अहम रोल रहा था। इनके बीच कड़ी बने पकंज की गिरफ्तारी ने दोनों नामचीन अपराधियों की मुश्किलें बढ़ा दी थी। देहरादून से एसटीएफ टीम भी बवाना से पूछताछ के लिए रवाना हो गई है।

भूरा की फरारी में पौड़ी जेल में बंद सुनील राठी के अलावा फरार नीरज बवाना की बड़ी भूमिका रही है। अभिरक्षा से छुड़ाने वाले बदमाश भी नीरज बवाना ने हरियाणा से बुलाए थे। बागपत से भागने के बाद भूरा ने जितनी भी गाड़ियां बदली, वो सब बवाना के साथियों ने ही उपलब्ध कराई थी। लगातार राठी, बवाना और भूरा आपस में संपर्क में रहे।

सूत्रों की मानें तो बवाना और भूरा के बीच दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार पंकज महत्वपूर्ण कड़ी रहा। वो ही दोनों के ठिकानों का राजदार था। यही वजह थी कि पंकज की गिरफ्तारी के बाद भूरा को चंडीगढ़ से अपना ठिकाना बदलना पड़ा था। इसी उतार-चढ़ाव के बीच पहले भूरा और सचिन खोखर पटियाला में पकड़े गए।

मंगलवार को दिल्ली की स्पेशल ब्रांच ने नीरज बवाना को भी पकड़ लिया। देहरादून से भी एसटीएफ की टीम बवाना से पूछताछ करने के लिए दिल्ली पहुंच गई है, ताकि भूरा की फरारी में की गई मदद को लेकर बवाना से पूछताछ की जा सके। हालांकि अधिकारिक तौर पर अभी कोई कुछ नहीं बता रहा है।

अमित उर्फ भूरा और नीरज बवाना के पुलिस शिकंजे में आने के बाद यह बड़ा सवाल है कि उत्तराखंड पुलिस के लूटे गए दो सरकारी असलाह किससे बरामद होंगे।

एक एके-47 को दिल्ली और उत्तराखंड पुलिस पहले ही अरविंद की निशानदेही पर बरामद कर चुकी है। एक एके-47 और एसएलआर बरामद होना बाकी है। भूरा इन दिनों पटियाला पुलिस की पांच दिन रिमांड पर है। इसके बाद बागपत और रुड़की पुलिस उसे रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी।

रुड़की के पंडित की हत्या के लिए भूरा को छुड़वाया था
नीरज बवानिया ने रुड़की के शॉप शूटर और गैंगस्टर चीनू पंडित की हत्या के लिए अमित मालिक उर्फ भूरा को उत्तराखंड पुलिस की कस्टडी से छुड़वाया था। एक समय सुनील राठी का शूटर रहा चीनू पंडित और सुनील राठी में हरिद्वार और रुड़की से जबरन उगाही की रकम व प्रॉपर्टी विवाद को लेकर आपस में ठन गई थी।

इस पर सुनील राठी हर हालत में चीनू पंडित का खात्मा चाहता था। यह खुलासा नीरज बवाना ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के सामने किया है। दिल्ली पुलिस अमित भूरा और पौड़ी जेल में बंद सुनील राठी को प्रोडक्शन वारंट पर पूछताछ के लिए दिल्ली लाएगी।

सुनील राठी के लिए प्रोडक्शन वारंट लगाया जा चुका है। अमित भूरा अभी पटियाला, पंजाब पुलिस की कस्टडी में है। पुलिस यह भी देख रही है कि  भूरा को भगाने का और क्या-क्या मकसद थे।

स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बागपत का गैंगस्टर सुनील राठी, नीरज बवानिया, नवीन बाली और बबूल घोघा तिहाड़ जेल में बंद थे। जेल में इनकी दोस्ती हो गई। इसी समय सुनील राठी और चीनू पंडित की ठन गई। रुड़की का गैंगस्टर चीनू पंडित और सुनील की रुड़की और हरिद्वार आदि जगहों से जबरन उगाही के पैसे को लेकर ठन गई थी।

इसके अलावा चीनू पंडित को लगता था कि उसके राज्य की रकम सुनील राठी को क्यों मिले। इस पर उसने सुनील राठी से अलग होकर अपना अलग गिरोह बना लिया। ऐसे में सुनील ने अपने गिरोह की कमान अमित भूरा को सौंप दी थी।

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