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दिल्ली पुलिस ने देहरादून में पकड़ी इथेरियम गोल्ड सिक्के की फैक्ट्री,सामने आया देश का सबसे बड़ा फ्रॉड

Fri, 04 May 2018 08:06 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 04 May 2018 08:06 PM IST
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Delhi police raid on Ethereum gold coin factory in Dehradun first time in india
coin

देश में सबसे बड़ा फ्रॉड माना जा रहा यह मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार रात यहां सहस्त्रधारा रोड स्थित आईटी पार्क में फर्जी तरीके से आभासी मुद्रा के लेनदेन का बाजार देहरादून में भी पैर पसार रहा है।

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बृहस्पतिवार रात दिल्ली पुलिस ने शहर के आईटी पार्क में क्रिप्टो करेंसी (आभासी मुद्रा) इथेरियम के सिक्कों की छपाई का ऑफिस  सील किया है। इथेरियम भी बिटकॉइन जैसी आभासी मुद्रा होती है, जिसका अंतर्राष्ट्रीय मूल्य बिटकॉइन के बाद सबसे ज्यादा है।
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यह मामला अपनी तरह का देश का पहला मामला बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने इस ऑफिस से सिक्के बनाने वाले 100 रिग्स और आठ कंप्यूटर व बड़े सर्वर भी अपने कब्जे में लिए हैं। आरोप है कि इस फैक्ट्री के मालिकों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को अपनी वेबसाइट्स के माध्यम से इथेरियम मुद्रा बेचकर 100 करोड़ रुपये की ठगी की है।
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इसके बाद इस पैसे को अलग-अलग जगहों पर निवेश किया है। आरोपियों में एक दिल्ली यूनिवर्सिटी का ग्रेजुएट और एक पेशे से इंजीनियर है। इनका तीसरा साथी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है। दून की एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की पुष्टि की है।

Delhi police raid on Ethereum gold coin factory in Dehradun first time in india
bitcoin

दून पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने 25 अप्रैल को दिल्ली युनिवर्सिटी के ग्रेजुएट कमल सिंह और इंजीनियर विजय कुमार को गिरफ्तार किया था। दोनों का एक तीसरा साथी एसएस अलघ भी है, जो पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है। आरोप है कि इन्होंने अपनी वेबसाइट www.bits2btc.com  के माध्यम से फर्जी तरीके से आभासी मुद्रा इथेरियम और बिटकॉइन बेच रहे थे।

इस तरह उन्होंने लोगों से करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी की। ठगी के इस पैसे को वे देहरादून व अन्य शहरों में विभिन्न माध्यमों से निवेश कर रहे थे। इनसे पूछताछ में पता चला है कि ये आभासी मुद्रा के साथ-साथ फिजिकल करेंसी भी तैयार कर उसे गोल्ड मार्केट में बेचते हैं। इसके लिए उन्होंने देहरादून में एक यूनिट लगाई है।

इस जानकारी के आधार पर दिल्ली पुलिस गुरुवार रात को कमल और विजय को लेकर आईटी पार्क पहुंची थी। यहां उन्होंने लगभग 4000 वर्गफीट के एक कांप्लेक्स में छापा मारा और वहां से जरूरी सामान को कब्जे में लेकर कांप्लेक्स को सील कर दिया। दिल्ली पुलिस ने यहां से 500 ग्राफिक्स कार्ड, आठ कंप्यूटर व सर्वर और 100 इथेरियम रिग्स बरामद की हैं।

क्या होता है इथेरियम
इथेरियम को ईथर भी कहा जाता है। इसे साल 2013 में बिटकॉइन प्रोग्रामर विटालिक बटेरिन ने तैयार किया था। यह बिटकॉइन के बाद सबसे महंगी आभासी मुद्रा है। इसका वर्तमान मूल्य लगभग 500 डॉलर है और बाजार करीब 4600 करोड़ डॉलर का है। यह इथेरियम ब्लॉकचेन टेकभनोलॉजी पर काम करती है। साल 2015 के बाद से अब तक इसके बाजार में 6800 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। बिटकॉइन का मूल्य लगभग 9 हजार डॉलर प्रति कॉइन है।

Delhi police raid on Ethereum gold coin factory in Dehradun first time in india
पुलिस - फोटो : अमर उजाला

2017 में लिया था किरा/ह्य पर कांप्लेक्स
आरोपियों ने यह कांप्लेक्स मार्च 2017 में किराए पर लिया था। यहां उन्होंने आठ लोगों को काम पर भी रखा हुआ था जो कि उनके लिए इथेरियम कॉइन छापने का काम करते थे। इसके अलावा एक शख्स मशीनों और कंप्यूटर की रखरखाव के लिए भी जॉब पर रखा हुआ था।

दून यूनिट से करेंसी बेचकर की 70 लाख की कमाई  
इस यूनिट के बारे में पड़ोसियों को गुमराह किया गया था। उन्हें बताया गया था कि यह एक बड़ी कंपनी का सर्वर रूम है। दिल्ली पुलिस को जानकारी मिली है कि इस यूनिट के माध्यम से करेंसी बेचकर उन्होंने एक साल में करीब 70 लाख रुपये की कमाई की है।  --
तीनों पार्टनरों के झगड़े में खुला मामला
आभासी मुद्रा के इस गोरखधंधे में तीनों पार्टनर काफी समय से काम कर रहे थे। इसी बीच इनका तीसरा साथी एसएस अलघ पूरे धंधे पर अपना होल्ड चाहता था। इसी के चक्कर में उसने अपने साथियों की शिकायत पुलिस को कर दी। फिर क्या था दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने इस धंधे की ही परत पर परत खोलती चली गई।

अपनी  मुद्रा भी चलाई हुई हैं  
आरोपी इस धंधे में इतने माहिर हो गए हैं कि उन्होंने अपनी अलग से मुद्रा भी लॉन्च कर दी है। इन मुद्राओं के नाम उन्होंने hbx और mcap रखा हुआ है। आरोप है कि ये तीनों इन मुद्राओं को बेचकर भी ठगी कर रहे हैं।

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